वो लड़की है कहाँ …..
जिसे ढ़ूँढ़ता हूँ मैं हर कहीं, जो मिली थी मुझे एक बार कहीं, जिसके प्यार पर है मुझे यकीन, वो लड़की है कहाँ??
नहीं, यह मैं अपने लिए नहीं कह रहा, इसलिए किसी भ्रम में न पड़ें!!
बात तो यह है कि ऐसा यकीनन सोच रहे होंगे कनाडा के मार्क ला चांस जो गए तो थे क्यूबा में छुट्टियाँ मनाने, पर दिल दे बैठे बेल्जियम की सैबाइन को। साथ साथ घूमते हुए छुट्टियाँ तो समाप्त हो गई पर शर्मीले मार्क सैबाइन का पता या फ़ोन नंबर पूछना भूल गए। अब बेल्जियम की टेलीफ़ोन डायरेक्टरी में दर्ज हर सैबाइन नाम की लड़की को चिठ्ठी लिखने वाले हैं कि ताकि उनकी प्रेमिका उन्हें मिल जाए। (स्रोत)
यकीनन आपका कहने का मन करेगा कि “वाह, क्या आशिक है”, परन्तु मैं यह कहने के बजाय मैं यह सोच रहा हूँ कि यदि सैबाइन के घर में लगा फ़ोन उसके नाम से न हुआ तो? भारतीय आशिक ऐसी हरकत करने की गलती नहीं करेंगे क्योंकि यहाँ अमूमन लड़कियाँ अपने घर-परिवार के साथ रहती हैं और फ़ोन उनके नाम से नहीं लगे होते, तो ज़ाहिर है कि टेलीफ़ोन डायरेक्टरी में उसका नाम नहीं होगा। तो यदि मार्क को इस तरह सैबाइन नहीं मिली तो वे क्या करेंगे? घर घर जा कर पता करेंगे?
बहरहाल मैं आशा करता हूँ कि ऐसी नौबत नहीं आएगी और मार्क को उनकी प्रेमिका मिल जाएगी!!



7 Comments
Alka
You have been tagged.
Amit
अब यह क्या बला है? मैंने लोगों को “slashdotted” और “digged” होते तो सुना/पढ़ा था, परन्तु “tagged” होते कभी नहीं जाना!! कृपया बताने का प्रयत्न करें कि यह क्या है!!
Alka
Pardon me for writing in English. Tagging means a topic has been assigned to a blogger, on which he/she gives his/her opinion, and in return put name of some other bloggers in his/her post to voice their views. I had been tagged for writing on perfect lover. In return I have named few bloggers, to write on the same. Among many of my victims, you are aslo ONE!
If you visit my blog, you will see your name in my post “Perfect Lover”
Alka
Oh! Your comment box hates my long explanation. Just read my recent post and you will know.
Amit
“tagged” होने का अर्थ समझाने का धन्यवाद, आपके ब्लॉग पर “perfect lover” पढ़ने के बाद मैं काफ़ी हद तक समझ गया था कि इसका क्या अर्थ है और मुझस हर्जाने के तौर पर क्या करना है!!
नहीं, उसे आपकी व्याख्या से बहुत प्रेम है, परन्तु अति हर चीज़ की बुरी होती है, तो इसलिए जब आपने बार बार टिप्पणी कर दी तो प्रेम कुछ ज्यादा ही हो गया और वह मेरा ब्लॉग संभाल नहीं पाया।
मुसीबत से बचने के लिए उसने आपकी टिप्पणियाँ छुपा दी। आपकी पहली टिप्पणी मैंने वापस पूर्वावस्था में वापस ला दी है और चूँकि बाकी दो भी इसके जैसी ही थी, इसलिए उन्हे मिटा दिया है!!
कृपया ध्यान दें, क्योंकि यहाँ पर स्पैम विरोधी दस्ते तैनात हैं, इसलिए एक टिप्पणी को एक ही बार पोस्ट करें, बार बार करने से यहाँ के रक्षक बुरा मान जाएँगे और आपको स्पैमर मानकर ब्लैकलिस्ट कर देंगे!!
Alka
aree nahi. Jab manie comment likha to pahali baar appear nahi hua. isliye maine copy paste kiya, tooo message diya duplicate hai. to maine eak nayi line jod kar usko bevkoof banane ki koshish ki.
Koi bhi long comment appaer nahi ho raha tha.
Soory for writing in Roman script. Reading Hindi in this alphabet is irritating. Sorry again for that.
Amit
जब आपको टिप्पणी के प्रतिलिपि(डुपलिकेट) होने की चेतावनी दे दी थी, तो आपको यह मान लेना चाहिए की आपकी पूर्व टिप्पणी दर्ज हो गई है। आप स्वयं वर्डप्रैस प्रयोग करती हैं, इतनी जानकारी रखनी चाहिए, क्योंकि कई बार इसी तरह अनजाने में लोग ब्लैकलिस्ट हो जाते हैं और उन्हें पता भी नहीं चलता। और यहाँ तो वैसे भी अकिसमेट का प्रयोग हो रहा है जो कि एक केन्द्रिय ब्लैकलिस्ट है, यदि इसमें आ गए तो जिस जिस जगह पर इसका प्रयोग हो रहा है वहाँ कहीं भी आप अपनी टिप्पणी दर्ज नहीं करा पाएँगी।
क्षमा न माँगे, यदि हिन्दी लिखने के बारे में नहीं पता तो यहाँ देखें और गर्व के साथ हिन्दी में लिखें!!