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लोकप्रियता की ओर अग्रसर!!


February 10th, 2006 at 02:26 pm | 21 Comments

आज मैंने जैसे ही इस ब्लॉग के नियंत्रण भाग में डैशबोर्ड को खोला तो स्वतः ही मेरी नज़र वर्डप्रैस डॉट कॉम(wordpress.com) के सबसे लोकप्रिय चिट्ठों और तेज़ी से लोकप्रिय होते चिट्ठों की सूचि पर गई और तेज़ी से लोकप्रिय होते चिट्ठों की सूचि में चौथे स्थान पर अपने ब्लॉग को देखकर एक अजीब से आनंद की अनुभूति हुई!! :D

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यदि ऊपर प्रदर्शित तस्वीर आपको साफ़ नहीं दिखाई दे रही तो उस पर क्लिक कर बड़ी तस्वीर देखें।

हाल ही में यह ब्लॉग वर्डप्रैस डॉट कॉम पर मौजूद सर्वश्रेष्ठ चिट्ठों की सूचि में भी आया, और वहीं से पता चला कि वर्डप्रैस डॉट कॉम पर हिन्दी में लिखा जाने वाला यह पहला ब्लॉग है(वाह, ऐसा मुझे अंदेशा तो था, परन्तु विश्वास न था)। :) ऐसे ही चलता रहा तो लगता है जल्द ही यह ब्लॉग स्कोबल के बाजू में होगा!! ;)

21 Comments

रवि


वाह भाई! अंग्रेज़ी के हजारों लाखों ब्लॉग के बीच हिन्दी के इस ब्लॉग का आना सचमुच आह्लादकारी है.
बधाईयाँ!


rdgujarati


Congratulations for becoming fastest growing blog. see my gujarti blog.


Pankaj


बधाई हो. अंग्रेजों के बीच आपकी उपस्थिति सचमुच गौरवदायक है.


संजय बेंगाणी | जोगलिखी


पहले तो ‘फालतू कि बङबङ’ की लोकप्रियता के लिए बधाई.
अब दुसरी बात. हिन्दी के कई चिट्ठाकार वल्र्डप्रेस का प्रयोग करते हैं, परंतु अपनी अपनी जगह लेकर. अच्छा हुआ तुमने वल्डप्रेस कि मुफ्त कि जगह प्रयोग की. इससे हिन्दी ब्लोग को रेटिंग तो मिली. एक बार फिर बधाई.


Amit


अंग्रेज़ी के हजारों लाखों ब्लॉग के बीच हिन्दी के इस ब्लॉग का आना सचमुच आह्लादकारी है.

हज़ारों तो सही है परन्तु अभी लाख नहीं हुए हैं, लगभग ९६ हज़ार हैं, जैसा कि आप वर्डप्रैस डॉट कॉम के गृहपृष्ठ पर देख सकते हैं। :)

हिन्दी के कई चिट्ठाकार वल्र्डप्रेस का प्रयोग करते हैं, परंतु अपनी अपनी जगह लेकर. अच्छा हुआ तुमने वल्डप्रेस कि मुफ्त कि जगह प्रयोग की. इससे हिन्दी ब्लोग को रेटिंग तो मिली

यह ब्लॉग शुरू करते समय मैंने ऐसा नहीं सोचा था। ;) दरअसल मैंने यहाँ पर खाता तो यूँ ही मजे मजे में खोल लिया था, मुझे समझ नहीं आ रहा था कि यहाँ क्या लिखूँ, क्योंकि पहले से ही दो तकनीकी चिट्ठों पर लिखने के कारण मैं एक और चिट्ठा इस विषय पर नहीं लिखना चाहता था। तो मुझे हिन्दी में लिखने का विचार आया जब मुझे पता चला कि हिन्दी में लिखना कितना सरल है। वैसे कई बार मैंने भी सोचा कि क्यों न अपने सर्वर पर वर्डप्रैस इन्स्टाल कर इस ब्लॉग को वहाँ स्थानांतरित कर दूँ, पर फ़िर सोचा कि क्या फ़र्क पड़ता है, जैसा चल रहा है, चलने दो!! ;)
बधाईयों के लिए धन्यवाद, परन्तु यह कोई मील का पत्थर नहीं है, दिल्ली तो अभी दूर है(स्कोबल, हम आ रहा हूँ)!! :)
वैसे अब यह ब्लॉग तेज़ी से लोकप्रिय होते चिट्ठों की सूचि में एक स्थान ऊपर आ गया है, यानि की तीसरे स्थान पर!! :D


Amit


गुजराती भाई, मुझे गुजराती पढ़नी नहीं आती, बस थोड़ी बहुत समझ लेता हूँ यदि धीरे धीरे बोली जाए तो। :) तो इसलिए कह नहीं सकता कि मुझे तुम्हारा ब्लॉग पसंद आया कि नहीं, परन्तु प्रयास अच्छा है, लगे रहो। :)


Twilight Fairy


mubarakein!


Twilight Fairy


Here’s my promised bit abt the “perfect lover” :p

1. He should be sensitive but not overly so. He should be sensitive to others’s feelings apart from his own. Someone who can fathom the effect of his doings on others. Apart from that being expressive and communicative go a long way. I dont like guys who clam up and can’t talk about their emotions or prefer ignoring issues staring at them in their face. He should never let me “sleep over a fight”.
2. He should be a good human being, a decent guy who would not compromise on his principles. Needless to say he should have some principles to begin with. But having principles does not mean that one isn’t open to subscribing to other principles or options as well.
3. He should understand that women are from Venus and men are from Mars. There are basic inherent differences in the way both minds work. Not everything can be measured on a guy’s scale. Women need more emotional bonding than men and perhaps a certain amount of “making up”. Pampering for no reason at all, or making her feel special for no reason, once in a while doesnt hurt either. (this gets extra brownie points as well). Controlling his irritation on anything/everything is a part of this game (he’s perfect isnt he?).
4. He should have a great personality, sense of humor, congeniality, creative instinct et al. Should be able to command respect and give respect.
5. He should have a sexy voice (half the battle is already won).
6. He should be charming, caring, intimate, romantic, playful and flirtatious.
7. He should obviously have a good body (we are talking about the *perfect* lover, arent we?). That implies strong arms to gather his woman into or a broad shoulder to rest her head on, when she is feeling blue.
8. There should be sparking chemistry between my perfect lover and me. The tangible and intangible hints that one can send across without being vulgar, go a long way in getting all brownie points possible.

Now if there exists any such thing as a “perfect lover”, please pinch yourself to make sure you arent hallucinating. :)


Abhinav


Congrats Again !!


Tarun


Congratulations amit. Your are just couple steps away for popular category. Good for hindi.


59ideas


congratulation :-)


Raman Kaul


बधाई हो, मेरी ओर से भी। ज़रूरी है कि इस रफ़्तार को बनाए रखा जाए। हो सकता है कि मेरा सोचना मेरी ईर्ष्या का नतीजा हो, पर fastest growing का खिताब काफी देर तक रख पाने के लिए काफी मेहनत करनी पड़ेगी। यानी, यदि पहले दिन आप के दो पाठक थे, और दूसरे दिन १२, तो वृद्धि ५००% हुई, पर इस वृद्धि को कायम रखना मुश्किल है। मेरे समेत कई लोग अपने सर्वर पर वर्डप्रेस (वल्डप्रेस नहीं, संजय जी) प्रयोग कर रहे हैं, साल भर से। हाल में Akismet को प्रयोग करने के लिए उन्होंने कहा कि wordpress.com पर अकाउंट खोलना पड़ेगा, सो एक खाली अकाउंट वहाँ भी खोल लिया है।


Amit


@सांझ परी:

Now if there exists any such thing as a “perfect lover”, please pinch yourself to make sure you arent hallucinating.

सारी तो नहीं पर अधिकतर खूबियाँ जो आपको चाहिए, उनका मिलना कोई असंभव कार्य नहीं। बहुत आसानी से तो नहीं परन्तु फ़िर भी मिल जाती हैं। इनमें से काफ़ी तो मैं कहूँगा कि मुझमें भी हैं, और यह मेरा भ्रम नहीं है!! :)
वैसे यदि “निपुण प्रेमी” वाली पोस्ट पर ही अपनी यह टिप्पणी देतीं तो बढ़िया रहता!! :)
@रमन:

हो सकता है कि मेरा सोचना मेरी ईर्ष्या का नतीजा हो, पर fastest growing का खिताब काफी देर तक रख पाने के लिए काफी मेहनत करनी पड़ेगी।

इस को बनाए रख पाना असंभव है। जैसा कि मेरा अनुमान है, जो अल्गोरिद्म इसके लिए प्रयोग हो रहा है, वह हाल ही में ऊपर आते चिट्ठों में से चुनता है। तो इस सूचि पर कोई भी बना नहीं रह सकता, आना जाना लगा रह सकता है। केवल टॉप चिट्ठों की सूचि पर बना रहा जा सकता है, जैसे स्कोबल झंडा गाड़ वहाँ डटे हुए हैं!! ;) मेरा यह पोस्ट करने के पीछे डींग मारने जैसा कोई इरादा नहीं था, वह तो बस वहाँ उस सूचि में अपना ब्लॉग देख मैं प्रसन्न हो गया और इसलिए पोस्ट कर दिया!! :)

मेरे समेत कई लोग अपने सर्वर पर वर्डप्रेस प्रयोग कर रहे हैं, साल भर से। हाल में Akismet को प्रयोग करने के लिए उन्होंने कहा कि wordpress.com पर अकाउंट खोलना पड़ेगा, सो एक खाली अकाउंट वहाँ भी खोल लिया है।

मैं इसे लगभग दो साल से प्रयोग कर रहा हूँ अपने सर्वर पर, और इस ब्लॉग के अतिरिक्त मेरे ३ अन्य ब्लॉग हैं जो कि मेरे अपने सर्वर की पॉवर चूस रहे हैं। वह तो मैंने यहाँ खाता यूँ ही खोल लिया था यह देखने भर के लिए कि आखिर इस में ऐसा क्या है, क्योंकि जिस समय मैंने यहाँ खाता खोला उस समय केवल निमंत्रण द्वारा ही आप यहाँ खाता खोल सकते थे। मुझे निमंत्रण मिला और मैंने खोल लिया!! ;) वैसे मैं इस बात से सहमत हूँ कि बहुत से खाते यहाँ पर केवल अकिस्मेट की चाबी के लिए खोले गए हैं, ब्लॉग के रूप में उनका प्रयोग होने की संभावना बहुत कम है!! मैट ने यह राह क्यों पकड़ी यह मैं ठीक से समझ नहीं पाया, और न ही उसने यह बात अधिक खुलासे के साथ बताई!!


Twilight Fairy


Amit you are *already* becoming predictable! Why did I already know that for one, you would crib abt me not posting this comment on the acutal post and again.. he he.. some of the “khoobiyan” are already in you? This was expected :p… Which ones for example? :)


Amit


Why did I already know that for one, you would crib abt me not posting this comment on the acutal post and again

जी, ऐसा इसलिए है क्योंकि मैं चीज़ों का उनकी सही जगह पर होना पसन्द करता हूँ। फ़िर भी, मैंने आपकी टिप्पणी यहीं रहने दी, यथावत स्थान पर विस्थापन नहीं किया, क्योंकि मैं सनकी नहीं हूँ। ;)

some of the “khoobiyan” are already in you? This was expected :p… Which ones for example?

बिलकुल अपेक्षित होना चाहिए, क्योंकि आपने ऐसी खूबियाँ नहीं लिखीं जिनका मिलना दुर्लभ या असंभव हो। ;) मैं समझता हूँ कि #१, #२, #३, #४ का कुछ अंश जैसे कि दिल्लगी की प्रवत्ति सृजनात्मक स्वभाव दूसरों का आदर करना(दूसरे आपका आदर करते हैं कि नहीं, यह व्यक्ति के स्वयं बताने का नहीं बल्कि दूसरों के बताने का विषय है), #६ में से “चार्मिंग” का तो पता नहीं पर मैं समझता हूँ कि बाकी सब मैं हूँ। इनके बारे में तो मैं कह सकता हूँ कि ये “खूबियाँ” तो मेरे अंदर हैं, अन्य जो आपने बताई हैं, उनके बारे में विश्वास नहीं कि मुझमें हैं। :)
परन्तु एक खूबी मुझमें है जिस पर मुझे गर्व है, वह यह कि मैं अपना स्वभाव अपने अनुसार बदल सकता हूँ। जैसे मैं हृदय से “सेन्सिटिव” तो हूँ, पर मैं बहुत कठोर हृदय का भी बन सकता हूँ क्योंकि आज के संसार में सफल वही हो सकते हैं जो “कोल्ड हार्टेड” हैं, ऐसा मेरा अब तक का अनुभव रहा है। साथ ही आवश्यकता पड़ने पर मैं अपनी भावनाएँ छुपा सकता हूँ, जिसका मैं समझता हूँ कि आजकल के समय में होना आवश्यक है। साथ ही मैं हर चीज़ निर्धारित करके चलता हूँ, इसलिए दूसरा व्यक्ति मेरे बारे में वही जानता है जो कि मैं चाहता हूँ कि वह जाने, जैसे आपको अपना एक ही पहलू मैंने दिखाया, क्योंकि दूसरा पहलू दिखाने की कोई आवश्यकता मैंने नहीं समझी!! ;) इसलिए आपको लगता है कि मैं “प्रेडिक्टेबल” बनता जा रहा हूँ, जबकि मुझे करीब से जानने वाले मेरे बारे में जानते हैं कि मुझसे कुछ भी अपेक्षित नहीं किया जा सकता। :)
चलो, निज प्रशंसा तो बहुत हो गई, इससे अधिक अपने बारे में बताया तो मेरे हाथ में तो कोई पत्ते ही नहीं रह जाएँगे!! ;)


Twilight Fairy


Ajee woh pehlu aapne dikhaya nahi, meine dekh liya..
So mister, miyaan mitthu, after all I can also brag abt certain things like good observation :)
BTW what’s that smiley doing at the bottom of the page? (under “comments xml” ?)


Amit


Ajee woh pehlu aapne dikhaya nahi, meine dekh liya..

हाँ हाँ, क्यों नहीं, कुछ भी कह सकती हैं!! ;)

I can also brag abt certain things like good observation

उसका होना आवश्यक है, मैं यह सोचता हूँ कि यदि मेरी अवलोकन शक्ति शरलॉक होम्स जितनी विकसित होती तो कितना बढ़िया होता!! :)

BTW what’s that smiley doing at the bottom of the page? (under “comments xml” ?)

जब आपने पन्ना खोला होगा तो प्रतिपादन में कुछ दिक्कत हो गई होगी जिसके कारण वह नीचे खिसक गया होगा। वैसे कुछ भी हो, अभिन्यास पर मेरा यहाँ कोई नियंत्रण नहीं है। तो यदि वह मनोभाव चिन्ह वास्तव में भी नीचे खिसक जाता तो भी मैं कुछ नहीं कर सकता था सिवाय प्रकरण बदल के देखने के। :)


Twilight Fairy


Pratipadan? Abhinyaas? Do you keep an eng-hindi dictionary with you or what? No there was no problem in the loading of the page.. and that peculiar smiley is *still* there, inspite of reloading etc!!


Amit


Pratipadan? Abhinyaas? Do you keep an eng-hindi dictionary with you or what?

किसी भाषा को जानना है तो अच्छे से जानिए, हल्का फुल्का जान के करिएगा क्या? ;)

No there was no problem in the loading of the page.. and that peculiar smiley is *still* there, inspite of reloading etc!!

ओह!! तो एक स्क्रीनशॉट लेकर दिखाए कि कहाँ पर क्या समस्या है, क्योंकि मुझे तो ऐसा वैसा कुछ (कृत्रिम चक्षु लगाकर भी)दिखाई नहीं दे रहा। :)


Bhanu


Sirf ek baat mujhe bataaye..apne ne hindi mai type karne ke liye kis script/font ka prayog kiya hai…aapka prayas vastutah prashansniya hai..!!


Amit


भानू जी, मैं हिन्दी यूनिकोड में Arial Unicode MS फ़ाँट में लिखता हूँ, लेकिन आप किसी भी यूनिकोड फ़ाँट में लिख उसे किसी भी यूनिकोड फ़ाँट में पढ़ सकते हैं। हिन्दी लिखने के बारे में अधिक जानकारी के लिए यहाँ देखें।


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