शेर या बाघ? या दोनों ही??!!
आईये मिलिए दुनिया की सबसे बड़ी बिल्ली, या कहें बिल्लौटे से, जिसका नाम है हरक्यूलिस। शेर पिता और बाघ माँ की दोगली संतान हरक्यूलिस एक लाईगर(Liger) है और उसका नाम हरक्यूलिस बिलकुल सही है। तीन वर्ष की आयु वाले इस लाईगर की लंबाई 10 फ़ीट है और इसका वज़न करीब 500 किलोग्राम है।

अमेरिका के मिआमी शहर स्थित इंस्टीटूट ऑफ़ ग्रेटली एनडेन्जर्ड एण्ड रेअर स्पीशीस(Insititute of Greatly Endangered and Rare Species) में रहने वाले हरक्यूलिस एक बार में लगभग 100 पौंड(तकरीबन 45 किलोग्राम) माँस खा सकता है।

50 मील प्रति घंटे से भागने की क्षमता रखने वाले हरक्यूलिस को तैरना भी पसंद है। उसकी यह पसंद ज़ाहिर है बाघ माँ के कारण है क्योंकि शेर तो पानी में जाने से डरते हैं।
हरक्यूलिस का जन्म इंस्टिटूट में शेरों और बाघों के एक ही बाड़े में रहने के कारण हुआ जब इंस्टिटूट वालों की निगाह में आए बिना हरक्यूलिस के पिता उसकी माँ की ओर आकर्षित हुए, क्योंकि अन्यथा जंगल के माहौल में तो शेर और बाघ के संबन्ध बनना लगभग असंभव है क्योंकि ये दोनों जातियाँ एक दूसरे की क्षत्रु होती हैं। वैसे भी मूलतः शेर अफ़्रीका में होते हैं और बाघ एशिया में, इसलिए इस कारण भी इनका आपस में कोई नाता नहीं बनता।
लेकिन हरक्यूलिस अपनी तरह का एकलौता प्राणी नहीं है। शेर और बाघ की दोगली संताने पिछले 50 वर्षों में कई बार उत्पन्न कराई गई हैं और हरक्यूलिस दुनिया में मौजूद कुछ लाईगरों में से एक है।



5 Comments
bhuvnesh
ये लाइगर महाशय फ़ोटुओं के रूप में काफ़ी लंबे समय से नेट पे विचर रहे हैं
सागर चन्द नाहर
तीन वर्ष की उम्र में १० फ़ीट और ५०० किलो और खुराक भी गजब है ४५ किलो।
अच्छी जानकारी के लिये धन्यवाद।
Amit
भुवनेश जी, मैंने तो कहा ही नहीं कि यह कोई नई जानकारी है!!
मुझे पता है कि यह काफ़ी समय से इंटरनेट पर विचर रहे हैं, मुझे तो कल ही पता चला तो सोचा कि चलो ब्लॉग पर डाल दिया जाए।
सागर बाबू, जहाँ तक मुझे ज्ञान है, शेर आदि की आयु सीमा 25 वर्ष ही होती है, तो इसलिए उस अनुपात में 3 वर्ष की आयु कोई कम नहीं है।
हाँ, कछुए के संदर्भ में कहें तो काफ़ी कम है क्योंकि एक कछुए की औसत आयु तकरीबन 140 वर्ष होती है!!
पंकज बेंग़ाणी
यह परम कृपालु माता है।
एक गाँव वाला जब जंगल में लकडियाँ काटने जा रहा था तब माताजी दिखाई दीं और बोली मेरा वाहन नए स्वरूप में दिखाई देगा। वो घर लौट आया तो उसके घर में बिलोटी तैयार थी।
अब चढावे के रूप में 101 रूपया रोकडा चढा दो।
संजय बेंगाणी
यह तो खच्चर किस्म का प्राणी हो गया.
फोटू तो पहले देख लिये थे, जानकारी हिंदी में आज पढ़ी. धन्यवाद भाई.