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क्रेडिट कार्ड ले लो ….. लोन ले लो लोन


February 28th, 2007 at 03:57 pm | 14 Comments

यह क्या हो रहा है? कभी सुना था कि अमेरिका में टेलीमार्केटिंग तथा डोर-टू-डोर सेल्समैन/सेल्सवूमन परेशान करते हैं लेकिन अब यही चलन यहाँ भारत में भी चल निकला है!!! किसी को नया फ़ोन कनेक्शन लिए अभी एक दिन नहीं होता कि सबसे पहले घंटी बजाने वाला कोई न कोई टेलीमार्केटिंग वाला होता है। अभी मैंने कुछ समय पहले ऑफ़िस के कार्य के लिए आईडिया वालों का नया कनेक्शन लिया केवल जीपीआरएस(GPRS) सुविधा के लिए और कनेक्शन चालू होते ही पहला फ़ोन बजा एयरटेल वालों के यहाँ से, उनके कॉल-सेन्टर वाली मोहतरमा ने मुझसे पूछा कि क्या मैं उनका(एयरटेल) वालों का पोस्ट-पेड कनेक्शन लेना चाहूँगा!! मन तो किया कि उसे चार गाली सुनाऊँ और फ़ोन काट दूँ, लेकिन उसको प्यार-मोहब्बत वाली भाषा में समझाया कि पुनः इस नंबर पर फ़ोन न करे!!

रोज़ किसी न किसी मार्केटिंग वाले या वाली का फ़ोन बजता रहता है, यह समस्या और भी खीजपूर्ण हो जाती है जब शहर से बाहर रोमिंग पर हो और तब किसी ऐसे व्यक्ति का फ़ोन आ जाए। अब इसका उपाय यही है कि या तो शहर से बाहर होने पर किसी का फ़ोन मत उठाओ, या सिर्फ़ परिचित नंबरों से आने वाले फ़ोन उठाओ। लेकिन अपनी आदत हर किसी का फ़ोन लेने की है इसलिए मारे जाते हैं। वह तो शुक्र है कि महानगर टेलीफ़ोन निगम की दूसरी सरकारी सेवा भारत संचार निगम से सैटिंग है और इसी कारण अपनी रोमिंग इतनी महंगी नहीं पड़ती जितनी महंगी अन्य सेवाओं में पड़ती है!!

मैंने कहीं पढ़ा/सुना था कि अमेरिका में एक “do not disturb” जैसी कोई लिस्ट है और जो फ़ोन नंबर उसमें हैं उनपर टेलीमार्केटिंग वाले फ़ोन नहीं लगा सकते। क्या यह सही है? यह तो अपने अमेरिका में प्रवास करने बंधु ही बता सकते हैं। :) यदि ऐसा जुगाड़ यहाँ हो जाए तो बहुत सही हो जाएगा!!

इसी बात पर एक वाक्या ध्यान आता है जो अभी कुछ समय पहले मेरे एक मित्र ने मुझे बताया था। दरअसल मेरे उस मित्र का एक अभिन्न मित्र एचडीएफ़सी बैंक में लोन विभाग में मैनेजर है। एक दिन उसको एचडीएफ़सी बैंक के कॉलसेन्टर से फ़ोन आया और फ़ोन वाली मोहतरमा उनको पर्सनल(निजी) लोन लेने के लिए आग्रह करने लगी। आखिरकार खीज के उस मित्र ने गुस्से में आ कह दिया कि जिस लोन को वह मोहतरमा देने का प्रयास कर रही हैं वह लोन तब तक नहीं पॉस होगा जब तक वह मित्र उस पर दस्तखत नहीं करेंगे!! यह सुन मोहतरमा थोड़ी हकबका गई और माफ़ी माँगते हुए फ़ोन रख दिया!!! ;)

लेकिन सिर्फ़ मार्केटिंग वाले ही क्यों, कस्टमर सपोर्ट अर्थात्‌ ग्राहक सेवा वाले भी ऐसे खिजाऊ प्रकार के प्राणी होते हैं कि बस पूछो मत!! अभी इस महीने की 6 तारीख़ को आईडिया वालों का बिल आ गया, बिल जमा करने की आखिरी तारीख़ 16 फ़रवरी थी। अगले ही दिन यानि कि 7 फ़रवरी को आईडिया वालों की ओर से फ़ोन आया जिसमें फ़ोन करने वाले साहब ने बताया कि मेरा बिल डिलिवर हो चुका है, यानि मुझे मिल चुका है और मैं उसे कब जमा करवा रहा हूँ। मैंने कहा कि 16 फ़रवरी तक मैं कभी भी जमा करवा सकता हूँ इसलिए मुझसे दोबारा न पूछें कि कब जमा करवा रहा हूँ। अगला दिन आराम से बीता, कोई फ़ोन नहीं आया, पर उसके अगले दिन यानि कि 9 फ़रवरी को पुनः फ़ोन आ गया। इस बार भी मैंने वही उत्तर दिया पर थोड़ी सख्ती से। तीन दिन बाद जैसे ही मुझे समय मिला तो तुरंत आईडिया वालों की वेबसाइट पर जाकर बिल जमा करवा दिया, तारीख़ थी 12 फ़रवरी। तुरंत ही एसएमएस(SMS) द्वारा मुझे सूचित कर दिया गया कि मेरा बिल जमा हो गया है। मैंने सोचा कि चलो एक महीने के लिए जान छूटी, परन्तु इतनी आसानी से कैसे छूटनी थी!! 15 फ़रवरी को पुनः आईडिया वालों की ओर से एक मोहतरमा का फ़ोन आया और उन्होंने मुझसे वही कहा जो पहले के साहबान ने कहा था, कि मैं अपना बिल कब जमा करवा रहा हूँ!! अब तो मेरा पारा चढ़ गया, उसको प्रत्यक्ष रूप से तो नहीं परन्तु मन ही मन में ऐसी ऐसी गालियाँ दीं जो मुझे यकीन है कि अभी ईजाद भी नहीं हुई होंगी! खीज भरे स्वर में मैंने उससे पूछा कि क्या वह अपने कंप्यूटर द्वारा आईडिया के नेटवर्क में लाग्गडइन है। उसके हाँ में उत्तर देने पर मैंने उससे कहा कि वह अपने कंप्यूटर पर पहले यह क्यों नहीं देख लेती कि जिस नंबर पर बिल की उगाही के लिए फ़ोन लगा रही है उस पर कोई बिल बकाया है भी या नहीं। और इतना कह मैंने फ़ोन काट दिया!! मन तो कर रहा था कि उसको खूब सुनाऊँ लेकिन किसी तरह बस अपने पर संयम रखा!!

ऐसे ही अन्य वाक्यों के बारे में पढ़ने/सुनने और अनुभव करने के बाद सोचता हूँ कि क्या सभी कॉलसेन्टर वाले ऐसे ही जड़बुद्धि होते हैं? और इन टेलीमार्केटिंग वालों से कैसे निजात पाई जाए?? तौबा!!

14 Comments

संजय बेंगाणी


अब तो आदत सी हो गई. आवाज पहचानने लगा हूँ. हैलो सुनते ही हिन्दी में धन्यवाद कहते हुए फोन रख देता हूँ.
और तो क्या करें भाई? अगला भी अपनी ड्युटी नीभा रहा है.


आशीष


अमित भाई,

भारत मे भी Do Not Disturb वाली सुविधा है। आप Airtell से बात कर के देखें।
मेरा hutch का कनेक्शन है और उन्होने मुझे यह सुविधा दी है। लेकिन बैंक सेयदि आपको यह सुविधा चाहिये तो आपको कर बैंक की साईट पर जाकर अपना नम्बर रजिस्टर कराना होगा। थोडा मुसीबत का काम है लेकिन एक बार की मेहनत है।
ICICI बैंक वालो के लिये यह लिंक है
स्टैन्डर्ड चार्टेड बैंक
https://play.standardchartered.com/smail/in/IN15/index.html

बाकी बैंक की साइट मे आपको यह लिंक मिल जायेंगे ।

http://www.icicibank.com/pfsuser/donotcall.htm


धुरविरोधी


हिन्दुस्तान में भी ज्यादातर फोन और बैंकिग कम्पनियों की do not disturb पालिसी है. आप आईडिया के कस्टमर सर्विस पर फोन कीजिये. उनकी वेबसाईट्स के do not disturb पर अपने फोन का नम्बर डालिये.
ट्राई इन पर लगाम लगा रही है. थोडे दिन बाद ये सब अपने आप ही बन्द हो जायेगा.


नितिन


अमित भाई, यहां अमेरिका में ये सेवा है – https://www.donotcall.gov/
और बढिया काम करती है, सुना है भारत में भी ये सेवा आने वाली है RBI (http://www.rbi.org.in/scripts/NotificationUser.aspx?Id=2627&Mode=0)के मुताबिक

The card issuing bank / NBFC should maintain a Do Not Call Registry (DNCR) containing the phone numbers (both cell phones and land phones) of customers as well as non-customers (non-constituents) who have informed the bank / NBFC that they do not wish to receive unsolicited calls / SMS for marketing of its credit card products. The DNCR should be set up within two (2) months from the date of this circular and wide publicity should be given to the arrangement.


जगदीश भाटिया


हमारे यहां भी कुछ बैंकों की साईट पर डू नाट कॉल रजिस्टर होते हैं।
वहां जा कर आप अपना न्म्बर दर्ज करवायें।
मगर भरोसा नहीं ये लोग आपका नम्बर पा कर उसे भी कॉलर्स को दे देंगे ;)


भगवान बचाये इस टाटा इन्डिकॉम से! « ॥दस्तक॥


[...] at 5:47 pm (सामान्य) अमित जी ने अपने साथ हुई ज्यादती के बारे में बताया कि किस तरह आईडिया [...]


सागर चन्द नाहर


है भगवान यह टाटा के अलावा दूसरी कंपनी वाले भी करते हैं?
मैरे साथ भी ऐसा ही वाकया हुआ है से मैने अपने चिट्ठे पर लिखा है।


जगदीश भाटिया


वैसे मेरे साथ्ह भी ऐसा ही कुछ किया टाटा वालों ने, कोई छह महीने सताते और ध्मकाते रहे। आखिर मुझे पुलिस की शरण में जाना पड़ा। बड़ा भयंकर अनुभव था :( कभी बताऊंगा डीटेल में ।


Amit


अरे उस्ताद लोगों, दिक्कत यह है कि हर सेवा की अपनी रजिस्ट्री है, अब किस किस के यहाँ रजिस्टर किया जाए!! मैंने ICICI बैक वाला फ़ंडा प्रयोग किया था लेकिन कुछ नहीं हुआ, अभी आज इस पोस्ट को लिखने के बाद ICICI Prudential वाले का फोन आ गया। मैंने भी पूरी तबीयत से उसका हाल पूछा! ;)
रही बात आईडिया की तो उनके यहाँ से मार्केटिंग वालों के फोन नहीं आते लेकिन उनके कस्टमर केयर वाले बहुत पकाऊ लोग हैं!!

भला तो तभी होगा जब अमेरिका की तरह यहाँ भी एक ही Do Not Disturb वाली सूची हो जिसका सभी को पालन करना पड़े। वैसे यह तो गनीमत है कि अपना आईडिया वाला नंबर मैंने किसी को नहीं दिया है क्योंकि उसका फोन करने के लिए प्रयोग मैं करता नहीं, इसलिए उस पर तो कोई टेलीमार्केटिंग वाले फोन नहीं आते!!

वैसे अब मैं टेक्नॉलोजी द्वारा इससे निपटने की सोच रहा हूँ। अब अपने पास सिम्बियन ऑपरेटिंग सिस्टम वाला स्मॉर्टफोन है तो कोई सॉफ़्टवेयर जुगाड़ते हैं जो कि कुछ नंबरों से फोन आने पर स्वतः ही काट देगा और मुझे परेशान नहीं करेगा! :)


Shrish


अपन तो फिलहाल इन झंझटों से बचे हैं। लैंडलाइन फोन में खुश हैं। :)


Amit


भाया, ज़्यादा दिन खुश नहीं रह पाओगे। लैंडलाईन पर अभी कम आते हैं टेलिमार्केटिंग वाले फोन पर धीरे-२ उनकी तादाद भी बढ़ जाएगी!!


TiDeS


enjoyed reading the post..


TallyHelper


ये सब तो ठीक है पर उन नीम चढे करेलो का क्या करे जो किसी की सुनते ही नही सिर्फ बोलते ही रहते है। फोन उठते ही अपनी ‘आफर’ देने पर तुल जाते है। इन ‘आटोमेटिड’ कालरो को तो गाली देने का सुख भी नही है। AirTel ओर Reliance इन ने तो कान पका दिये है, ओर तो ओर इन के धमा धम sms की वजह से मैने लोगों के काम के sms पढना छोड़ दिया है। अक्सर दो दो तीन तीन दिन बाद sms पढता हु।


Amit


अब इसका एक कारगर उपाय जो मेरी समझ में है वह यह कि यदि आपके पास Symbian, Palm या Windows Mobile वाला फोन है तो आपको ऐसा कम से कम एक सॉफ़्टवेयर तो मिल जाएगा जो कि कुछ नंबरों से कॉल तथा एसएमएस को आने से रोक दे। मतलब आने से तो नहीं रोकेगा लेकिन उन ब्लैकलिस्टिड नंबरों से कोई फोन आएगा तो सॉफ़्टवेयर आपके फोन की घंटी बजने से पहले ही उसे काट देगा और उन नंबरों से एसएमएस के आते ही उसे मिटा देगा। यानि आपको कोई टेन्शन नहीं होगी। मै आजकल ऐसा ही एक सॉफ़्टवेयर प्रयोग करके देख रहा हूँ।

यह उपाय अभी फिलहाल एक जगह कारगर नहीं है, और वह है कि कुछ विज्ञापन वाले एसएमएस में नंबर की जगह भेजने वाले का नाम आता है, जैसे स्टेन्डर्ड चार्टर्ड बैंक का क्रेडिट कार्ड विभाग मैनहेट्टन के एसएमएस में सिर्फ़ Manhattan लिखा आता है, कोई नंबर नहीं। खैर, जल्द ही इस तरह के संदेश भी ब्लॉक करने का जुगाड़ होगा। :)


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