अब मोबाईल से भगाएँ मच्छर

आजकल तकनीक काफ़ी तरक्की पर है, कब कौन सा गुल देखने को मिल जाए कुछ कहा नहीं जा सकता। अभी कुछ दिन पहले ऐसे ही अपने सिम्बियन मोबाईल संबन्धी गूगल पर खोज कर रहा था कि यह एक मज़ेदार सॉफ़्टवेयर मिल गया जिसका नाम है मोस्कीटो नेट(mosquito net) यानि कि मच्छरदानी। अब यह सॉफ़्टवेयर मज़ेदार इसलिए नहीं है कि इसका नाम बढ़िया है बल्कि इसलिए है क्योंकि इसका काम रोचक है। यह आपके सिम्बियन फोन को मच्छर भगाने की मशीन बना देता है। कैसे?? बहुत ही सीधा सा वैज्ञानिक फ़न्डा है।
ड्रेगन फ़्लाई और चमगादड़ मच्छरों के पैदाईशी शत्रु होते हैं। यह सॉफ़्टवेयर फोन के स्पीकर द्वारा दोनों ही की अल्ट्रासोनिक ध्वनि निकाल सकता है जिसे सुन मच्छर भाग खड़े होते हैं। इतना ही नहीं, यह सॉफ़्टवेयर नर मच्छर की भी ध्वनि निकाल सकता है। अब आप कदाचित् पूछें कि नर मच्छर की ध्वनि से क्या लाभ? तो(सॉफ़्टवेयर की वेबसाइट के अनुसार) बात ये है कि यह नर मच्छर की 12.3 किलो हर्ड़्ज पर ध्वनि निकालता है। ऐसी ध्वनी नर मच्छर मादा को आकर्षित करने के लिए निकालते हैं। नर के साथ संसर्ग द्वारा गर्भवती होने के बाद यह ध्वनि मादा को बहुत अप्रिय हो जाती है। और यह वैज्ञानिक सिद्धांत है कि खून गर्भवती मादा मच्छर ही पीती है। तो इस ध्वनि को सुनने से खून पीने वाली मादा मच्छर आसपास नर मच्छर की उपस्थिति जान दूर भागेगी, यानि कि किला फ़तह!!!
सॉफ़्टवेयर की वेबसाइट पर मौजूद इसके प्रयोगकर्ताओं के अनुभव अनुसार यह तीसरा तरीका वाकई कारगर है। तो फिर सोच क्या रहे हैं, यदि आपके पास सिम्बियन फोन है तो धूप-बत्ती आदि का प्रयोग बंद कर अपने नथुनों को राहत दीजिए और इस सॉफ़्टवेयर से लाभ उठाईये। अधिक जानकारी के लिए सॉफ़्टवेयर की वेबसाइट यहाँ देखें।



9 Comments
RC Mishra
बढि़या सिद्धान्त है
वैसे आपने जिसे वैज्ञानिक सिद्धान्त लिखा है वो सत्य वचन है
समीर लाल
बढिया खबर!!
Tarun
क्या बात है, मच्छरों को सीजन आ रहा है लगता है तैयारी जोरों पर है
raviratlami
वो तो ठीक है, परंतु क्या व्यावहारिक रूप में ये कारगर है? क्या आपने इसे इस्तेमाल किया है और यह कितना असरकारी है? यदि आप बताएं कि यह 20 प्रतिशत भी कार्य करता है तो यकीन मानिए इन निगोड़ों मच्छरों से छुटकारा पाने के लिए मैं पांच मोबाइलें साथ लेकर घूमूंगा.
एक ऐसा ही उपकरण बहुत पहले मैंने बहुत मंहगे दामों में खरीदा था – जो अल्ट्रासोनिक ध्वनि निकालता था. उसका असर उल्टा होता था. मच्छर उसके आसपास ही भिनभिनाते थे!
Manish
वाह ! ये तो मजेदार जानकारी है ।
सागर चन्द नाहर
अगर किसी मित्र को मच्छार भगाने के लिये छोटी सी इलेक्ट्रोनिक मशीन बनानी हो तो मेल करें मैं लिस्ट और बनाने का तरीका भेज दूंगा।
रचनात्मकता का संतोष तो मिलेगा ही साथ ही मच्छर भी भाग जायेंगे।
रवि
परंतु क्या इससे सचमुच मच्छर भागते भी हैं? यदि 20 % भी मच्छर भागें तो यकीन मानिए मैं पांच पांच मोबाइल लेकर घूमूंगा. पिछले पांच बरस में सिर्फ और सिर्फ मलेरिया के कारण ही दस बार बीमार पड़ा!
और, सागर भाई, क्या आपने भी अपनी इलेक्ट्रॉनिक मशीन जाँची है? एक दफ़ा मैंने अच्छी खासी मशीन खरीदी थी जो कि अल्ट्रा साउंड पैदा करती थी – तो बजाए मच्छर भगाने के, वो मच्छरों को अपनी ओर आकर्षित करती थी. एक कंप्यूटर प्रोग्राम भी डाउनलोड किया था जो कि आपके कम्प्यूटर के स्पीकर में मच्छर भगाऊ अल्ट्रासाउंड पैदा करता था. मगर उसके बाद दो बार मलेरियो होगया.
मच्छर भगाने की सबसे बढ़िया तरकीब किसी के पास हो तो बताएं!!!
Amit
नहीं जी, मैंने अभी तक प्रयोग करके नहीं देखा। ये वाला सॉफ़्टवेयर है वो सिम्बियन यूआईक्यू(Symbian UIQ) पर चलता है, मेरे फोन पर नहीं चलेगा। अपने फोन पर चलने वाला ऐसा सॉफ़्टवेयर मैंने देखा था लेकिन उसका लिंक पता नहीं कहाँ गया। अगर मिला तो प्रयोग करके अवश्य देखूँगा।
तो भी मुनाफ़े का सौदा था। उसके पास जब खूब सारे मच्छर आ जाते तो एक स्प्रे मार सभी से छुटकारा पाते।
और सागर जी, आप काहे नहीं अपनी लिस्ट अपने ब्लॉग पर छापते? लिखने के मसाले का मसाला, हिट भी मिल जाएँगे!!
Asheesh Dube
भुनभुनाहट को भुनभुनाहट से मात देने वारी करामात है, भाई।