रेगुलर ब्लॉगर मीट – कुछ लम्हें …..
आज की (रेगुलर)ब्लॉगर भेंटवार्ता में जीतू भाई तो खैर आ ही गए, साथ ही श्रीश से भी पहली बार मिलना हुआ। प्रस्तुत हैं उसी भेंटवार्ता से कुछ लम्हें।

( बाएँ से दाएँ – नीरज दादा, जगदीश जी )

( जीतू भाई )

( श्रीश )

दोपहर का भोजन – सरवण भवन में
( बाएँ से दाएँ – श्रीश, सृजन शिल्पी जी, जगदीश जी )

दोपहर के भोजन के पश्चात – कैफ़े कॉफी डे में
( बाएँ से दाएँ – सृजन शिल्पी जी, श्रीश )
दोपहर के भोजन के पश्चात वापस इंडिया कॉफी हाउस(मोहन सिंह प्लेस) गए, वहाँ नोटपैड वाली मैडम जी पहुँच चुकीं थी, गर्मी अधिक थी और काफी हाउस सस्ता बेतकल्लुफ़ी का अड्डा ठहरा जहाँ महँगी एयरकंडीशनिंग नहीं थी(पंखा चले था वही बहुत था), इसलिए उन्हीं के आग्रह पर कैफ़े कॉफी डे की ओर सब रवाना हुए, पहला भरा हुआ मिला, दूसरे में थोड़ी प्रतीक्षा के बाद एक टेबल मिल ही गई, बाजू की टेबल पर समीर जी से मिलती-जुलती शक्ल-सूरत वाले एक साहब बैठे थे, बेचारे इतने ब्लॉगरों को देख पतली गली से कट लिए।
थोड़ी देर बाद ही कैफ़े में नीलिमा जी आ गईं।

( बाएँ से दाएँ – नोटपैड वाली मैडम जी, नीलिमा जी )
इस भेंटवार्ता सहित अभी तक मैंने जिन ब्लॉगर भेंटवार्ताओं में भाग लिया है उन सभी की तस्वीरें यहाँ हैं।






18 Comments
Aks
nice pics. i like 2nd frm beginning and 2nd frm last, they seem best in all.
राम चन्द्र मिश्र
क्या बात है आज कल पोर्ट्रेट बनाये जा रहे हो सबका
अनूप् शुक्ल
यार् तुम्हारा कैमरा बड़ा हेल्पफ़ुल् है। इत्ती अच्छी तस्वीरें खींच् लेता है।
समीर लाल
हमसे मिलता जुलता और पतली गली से..हा हा!! हम तो पतली गली में फंस ही जायें.
फोटो काहे नहीं ली उसकी??
बेहरीन फोटो के साथ घोर संक्षिप्त विवरण.
Sanjeet Tripathi
मस्त आई हैं फोटो।
शुक्रिया!
Sanjeet Tripathi
श्रीश भाई बिना मूंछों के जम रहें है!
Shrish
वाह फिर से मस्त फोटुएँ। खासकर पहली दो तथा लास्ट वाली से पहली दो।
हमारी फोटो (ऊपर से तीसरी) में जरा छायावाद आ गया।
सुरेश चिपलूनकर उवाच:
हे हे, हमारे नाम से क्या आपको लगता था कि हम मुच्छड़ हैं?
Amit
धन्यवाद अक्स, मेरे अनुसार भी सबसे अच्छी वही दोनों फोटों आई हैं।
जी हाँ, आजकल ज़रा पोर्ट्रेट पर ध्यान दिया जा रहा है, अलग-२ प्राकृतिक भावों के साथ जो चेहरा दिख जाए।
अजी वो तो फोटू खींचने वाले पर निर्भर करता है जी!!
और ई सब फोटू बिना फ्लैश के लिए हैं!!
वो तो सिर्फ़ फिगर ऑफ स्पीच थी जी, असल में तो आराम से टहलते हुए ही गए वो साहब लेकिन जल्दी ही निकल लिए!!
फोटू तो खैर लेने की सोच रहे थे, लेकिन जब तक कैमरा निकालते तब तक वो साहब छू हो लिए थे!! अगली बार दिखे तो अवश्य लूँगा।
अब ये तारीफ़ है कि शिकायत? चलिए आपकी दोनों कुबूल, तारीफ़ भी और शिकायत भी।
धन्यवाद संजीत जी और श्रीश।
हाँ वो तुम्हारे ऐन पीछे सूरज की रोशनी थी और हम थोड़े अंधेरे हॉल में थे। शायद फ्लैश प्रयोग करने से फर्क पड़ जाता। खैर, अगली बार के लिए सबक।
निठल्ला चिन्तन » समय बड़ा बलवान
[...] पता चला कि कुछ दिनों पहले दिल्ली में धकापेल मची थी, जो जनता चिट्ठों के मार्फत जूतमजूत पर [...]
संजय बेंगाणी
यार, फोटो मस्त लेते हो. कमाल की आयी है.
और ब्लोगर-मीट को सम्य की बरबादी मानने वाले भी यहाँ दिखे, थोड़ा आश्चर्य हो रहा है. यह मुलाकात भी सुखद रही होगी. अच्छा हुआ श्रीश को दिनांक याद रही
mamta
फोटो और वहां का हाल बताने का शुक्रिया। पर एक बात और बतायें इसे आपने रेगुलर ब्लौगर मीट क्यों कहा है।
भुवनेश
कमाल के फ़ोटोग्राफ़र हैं आप…..
प्रियंकर
अमित! तुम सचमुच बहुत अच्छे फोटोग्राफ़र हो और कैमरा भी कोई अच्छा ही होगा . अक्स से सहमत हूं . उनके बताए दोनों फोटोग्राफ्स सचमुच सबसे अच्छे हैं . इस सूची में पिछली मीट में लिया गया अविनाश और अफ़लातून जी का युगल फोटो भी शामिल किया जा सकता है . ब्लैक एण्ड वाइट तस्वीरों में एक अनूठी ‘डेफ़्थ’ होती है .
Pratik Pandey
अतिसुन्दर… मनोहर… चित्ताकर्षक
Amit
धन्यवाद संजय भाई, ममता जी, भुवनेश जी, प्रियंकर जी और प्रतीक बाबू।
क्योंकि यह महा-ब्लॉगर मीट नहीं थी, कोई आयोजन नहीं तामझाम नहीं, एक तुरत-फुरत बुलाई गई भेंटवार्ता जहाँ सभी कुछ रेगुलर था!
जी, एक महीना पहले पैनासोनिक लूमिक्स FZ50 लिया है, उसी से उतारी गई तस्वीरें हैं।
DR PRABHAT TANDON
बहुत मस्त फ़ोटो आये हैं , मान गये अमित आप को भी
, हाँ , समी लाल जी से मिलता जुलते शख्स की फ़ोटो भी खीचँ लाते
Shrish
एक दोस्त ने अभी मेरी फोटो (ऊपर से तीसरी वाली) देखकर कमेंट किया कि मैं इसमें हॉलीवुड की फिल्मों का कोई विलेन या फिर कोई हैकर लगता हूँ।
Amit
हा हा हा!!