कई बार प्रयास रहता है कि हर सप्ताहांत कम से कम एक बार दिल्ली या उसके आसपास कहीं सुबह जाया जाए घूमने, फोटोग्राफ़ी करने और उस जगह को जानने के लिए। दिल्ली में और आसपास बहुत सी ऐतिहासिक जगह हैं जो कि मशहूर नहीं हैं और जिनके बारे में कम लोग जानते हैं, ऐसी जगहों पर जाना और इनके बारे में जानना काफ़ी ज्ञानवर्धक रहता है। अन्य भी कई जगह हैं जैसे कि कोई पक्षी विहार या वाइल्ड लाइफ़ सैंक्चुअरी (wild life sactuary) आदि जहाँ जाया जा सकता है और वन्य जीवों पर भी ज्ञान पाया जा सकता है, साथ ही अच्छे फोटो भी मिल जाते हैं।
तो ऐसे ही बीते शनिवार सुबह सवेरे मैं और संतोष पहुँच गए ओखला पक्षी विहार जहाँ कई तरह के पक्षी मैंने पहली बार अपनी आँखों से सजीव देखे।
वाह जी, अब तो लगता है कि अपनी किताब के लिये अपनी तस्वीर आप से ही खिंचवाना पड़ेगी…बिल्कुल बगुला भगत माफिक…बहुत शातिर फोटोग्राफर हो गये हो इतनी जल्दी…तैयार रहो..जल्दी ही मिल रहा हूँ..अपना फोन नम्बर तो ईमेल करो यार!!!
अब तो लगता है कि अपनी किताब के लिये अपनी तस्वीर आप से ही खिंचवाना पड़ेगी
ज़हेनसीब, ज़रूर, जब आप चाहें।
बहुत शातिर फोटोग्राफर हो गये हो इतनी जल्दी…तैयार रहो..जल्दी ही मिल रहा हूँ
ज़र्रानवाज़ी का आभार। बिलकुल तैयार हैं, कैमरे का लेन्स वगैरह सब साफ़ कर लिया है, जल्द ही फोन करें या लिखें कि कब मिल रहे हैं।
जी आलोक भाई, ओखला पक्षी विहार के बारे में मुझे भी एक दिन पहले ही पता चला था जब मेरे मित्र संतोष ने उसका ज़िक्र किया। वैसे फ्लिकर का तो क्या कहें, जब करेंगे सो करेंगे।
प्रमेन्द्र बाबू, मन प्रसन्न होता है तो अवश्य आया करो, किसी ने मना थोड़े ही किया है!! और यदि एग्रीगेटर रोज़ाना नहीं देखते तो मेरे ब्लॉग को ईमेल द्वारा सब्सक्राइब भी कर सकते हो जिससे कि जब भी नई पोस्ट छपेगी तो उस दिन एक ईमेल आपको मिल जाएगी इत्तला करने के लिए।
16 Comments
समीर लाल
वाह जी, अब तो लगता है कि अपनी किताब के लिये अपनी तस्वीर आप से ही खिंचवाना पड़ेगी…बिल्कुल बगुला भगत माफिक…बहुत शातिर फोटोग्राफर हो गये हो इतनी जल्दी…तैयार रहो..जल्दी ही मिल रहा हूँ..अपना फोन नम्बर तो ईमेल करो यार!!!
आलोक
ओखला में पक्षी विहार है? आज पता चला।
वैसे फ़्लिकर वालों ने अपना वादा नहीं निभाया है।
प्रमेन्द्र प्रताप सिंह
आपके ब्लाग पर आने पर मन प्रसन्न हो जाता है, खेद की बार बात नही आ पाता हूँ।
Amit
ज़हेनसीब, ज़रूर, जब आप चाहें।
ज़र्रानवाज़ी का आभार। बिलकुल तैयार हैं, कैमरे का लेन्स वगैरह सब साफ़ कर लिया है, जल्द ही फोन करें या लिखें कि कब मिल रहे हैं।

जी आलोक भाई, ओखला पक्षी विहार के बारे में मुझे भी एक दिन पहले ही पता चला था जब मेरे मित्र संतोष ने उसका ज़िक्र किया। वैसे फ्लिकर का तो क्या कहें, जब करेंगे सो करेंगे।
प्रमेन्द्र बाबू, मन प्रसन्न होता है तो अवश्य आया करो, किसी ने मना थोड़े ही किया है!! और यदि एग्रीगेटर रोज़ाना नहीं देखते तो मेरे ब्लॉग को ईमेल द्वारा सब्सक्राइब भी कर सकते हो जिससे कि जब भी नई पोस्ट छपेगी तो उस दिन एक ईमेल आपको मिल जाएगी इत्तला करने के लिए।
श्रीश शर्मा
बहुत शानदार तस्वीरें, खासकर बीच वाली।
Moonie
very nice; क्या यह साइट आपने देखी? http://www.josh18.com/
Amit
धन्यवाद श्रीश, मूनी जी।
कौन सी बीच वाली भई, यहाँ तो बीच में कई हैं।
मूनी जी, मैंने वह साइट जब लाँच हुई थी तभी देख ली थी।
श्रीश शर्मा
@Amit,
चौथी, पाँचवीं और छठी।
Amit
अच्छा, धन्यवाद।
गरिमा
वाह! फोटो इतने सजीव लग रहे हैं, मानो अब चिड़िया चहक ही पड़ेगी।
Manish
अति सुन्दर !
Amit
धन्यवाद गरिमा जी और मनीष जी।
rahul
अत्यन्त सजीव छविया है
Amit
धन्यवाद राहुल।
shivdeep singh sachdeva
its amazing sight for lover our india,I have no word to prase this
Nitin Bagla
बेहतरीन तस्वीरें!