तौबा ये माइलेज…..
अभी पिछले मई मैंने नई मोटरसाइकल ली और तब से उसमें बाज़ार में उपलब्ध सबसे महंगा पैट्रोल, भारत पैट्रोलियम का स्पीड97 (Speed97), डलवा रहा था जो कि दिल्ली में पचपन रूपए प्रति लीटर मिलता है। अब मैंने इस बारे में कुछेक जगहों पर पढ़ा था और यह जाना कि इस पैट्रोल की ऑक्टेन रेटिंग अधिक है(97) और यह मेरी 223cc की करिज़्मा (karizma) के लिए सही रहेगा, मोटरसाइकल अच्छी परफॉर्मेन्स देगी और इंजन भी बढ़िया रहेगा, यानि कि कुल मिला के मामला टकाटक। इस पैट्रोल से जो परफॉर्मेन्स मिली सो मिली, माइलेज नहीं मिली। यानि कि जब इस पैट्रोल को डलवा रहा था तो मोटरसाइकल लगभग 32 किलोमीटर प्रति लीटर की माइलेज दे रही थी, वह भी तब जब इसको आराम से चलाओ। और जहाँ मोटरसाइकल 80 किलोमीटर प्रति घंटे या अधिक की गति पर भगाई वहीं इसकी माइलेज तकरीबन 28 किलोमीटर प्रति लीटर पर गिर जाती!! लेकिन मैं सोच रहा था कि चलो कोई बात नहीं, माइलेज वाली मोटरसाइकल ही नहीं है, अमूमन इससे लगभग 32-35 किलोमीटर प्रति लीटर की माइलेज मिलते ही सुना/पढ़ा था, माइलेज की चिन्ता होती तो फिर 100cc की हीरो-होन्डा पैशन या बजाज प्लैटिना लेता!! लेकिन एक मित्र से एक दिन बात चल रही थी, उसने भी मेरे लेने के एकाध महीने बाद हूबहू मेरी करिज़्मा जैसी काली करिज़्मा ली थी और वो कह रहा था कि उसकी करिज़्मा लगभग 40 किलोमीटर प्रति लीटर की माइलेज दे रही है तो मुझे अचरज हुआ कि ऐसा क्यों है। लेकिन उसने कहा कि वो अपनी मोटरसाइकल को भगाता नहीं है, तकरीबन 40-50 कि.मी. प्रति घंटे की गति पर ही रखता है तो मैंने सोचा कि हो सकता है मैं भगाता हूँ, 60 कि.मी. प्रति घंटे से कम शायद ही चलाता हूँ, इसलिए मेरी करिज़्मा माइलेज नहीं दे रही होगी!! यह सोच मैंने अपने मन को सांत्वना दी और मन ही मन टशन लिया कि मेरा मित्र पागल है, ऐसी शानदार मोटरसाइकल से माइलेज निकालने में लगा हुआ है!!
बहरहाल, एक अन्य मित्र से कुछ दिन पहले बातचीत हो रही थी तो यही ज़िक्र आया और मैंने बताया कि इतनी माइलेज दे रही है मेरी मोटरसाइकल। तो उसने पूछा कि कौन सा पैट्रोल डलवाता हूँ तो मैंने बताया, तो उसने सुझाव दिया कि साधारण पैट्रोल डलवाऊँ न कि प्रीमियम पैट्रोल क्योंकि प्रीमियम में अन्य तत्व भी तेल कंपनी मिलाती है और वो हर इंजन को रास नहीं आते। अब यह तो मुझे भी पता था लेकिन मैंने सोचा कि कितना फर्क पड़ जाएगा, कोई खास फर्क नहीं पड़ेगा और यदि माइलेज अच्छी हो भी गई तो परफॉर्मेन्स में कमी आएगी जबकि इसी के लिए तो यह तेज़-तर्रार मोटरसाइकल ली अन्यथा कोई हल्की वाली लेता। फिर पुनर्विचार कर मैंने सोचा कि आज़मा के देख लेते हैं। तो पहले से मोटरसाइकल में मौजूद जब स्पीड97 चुक गया तो 3-4 लीटर इंडियन ऑयल का एक्स्ट्रा प्रीमियम(नाम ही है, वैसे सस्ता है) पैट्रोल डलवा के देखा जो कि दिल्ली में लगभग पैन्तालीस रूपए प्रति लीटर मिलता है। यह पैट्रोल डलवा के परफॉर्मेन्स में कोई बदलाव नहीं पता चला तो सोचा कि अब इससे मिलने वाली माइलेज जाँची जाए। तो चार सौ रूपए का तकरीबन 8.88 लीटर पैट्रोल डला जिस पर मोटरसाइकल 324.5 किलोमीटर चली और फिर भी कोई आधा-पौना लीटर पैट्रोल बाकी था। तो यदि 324.5 किलोमीटर ही मान लें तो भी 36.5 कि.मी. प्रति लीटर की माइलेज निकलती है जो कि इससे पहले मिलने वाली माइलेज से काफ़ी अधिक है, खासतौर से जब यह ध्यान में लिया जाए कि यह पैट्रोल डलवाने के बाद मेरा 99% दिल्ली से गुड़गाँव जाना और आना हुआ है और नैशनल हाईवे नं 8 पर मोटरसाइकल लगभग 100 कि.मी. प्रति घंटे(या थोड़ा अधिक) की रफ़्तार से भागी है जिसके कारण इसकी माइलेज गिर जानी चाहिए थी। अब यदि भगाने-दौड़ाने-उड़ाने पर मोटरसाइकल 36.5 कि.मी. प्रति लीटर की माइलेज दे रही है तो साधारण 60 कि.मी. प्रति घंटे की रफ़्तार से चलाने पर 40-41 कि.मी. प्रति लीटर की माइलेज तो दे ही देगी!! और दस रूपए प्रति लीटर बचे वो अलग!!
इसलिए अब निश्चय किया है कि इंडियन ऑयल का एक्स्ट्रा प्रीमियम ही डलवाया जाएगा, सस्ते का सस्ता और बढ़िया माइलेज और सोने पर सुहागा यह कि परफॉर्मेन्स में कोई कमी नहीं, हल्का सा एक्सीलरेटर घुमाते ही मोटरसाइकल पहले सी भागती है!!



11 Comments
अतुल चौहान
आपकी रिसर्च सही है। (Speed97) का सिर्फ यही फायदा है कि गाडी में थोडा पिकप बढ जाता है। लेकिन जेब का ध्यान भी रखना जरूरी है।
आलोक
मुझे यह पता चला है कि कम से कम कुछ कारों के डीलर – मोटरसाइकिलों का पता नहीं – यह साफ़ कहते हैं कि अच्छी माइलेज के लिए सादा पेट्रोल डलवाओ। शायद यह इसलिए है कि उनके इंजन सादे पेट्रोल के हिसाब से ही सधे हुए है, या फिर इसलिए कि जो स्पीड जैसे पेट्रोल हैं वह ठीक से सम्मिश्रित नहीं है। कारण जो भी हो, डीलर खुद ऐसा कह रहा है तो इसका मतलब यही हुआ कि कम से कम उस कार के लिए तो सादा पेट्रोल ही उपयुक्त है।
वैसे मोटरसाइकिलों की माइलेज में मैंने कम से कम सवा डेढ़ गुना फ़र्क उसी मेक में देखा है। पता नहीं ऐसा क्यों है, शायद हर खेप में कुछ फ़र्क हो जाता है।
Amit
अतुल जी, मुझे वाकई पिक-अप में कोई फर्क नहीं पता चला इन दोनो में। हो सकता है अन्य मोटरसाइकल में या गाड़ी में पता चलता हो।
बिलकुल जी, जेब सलामत तो सब सलामत।
आलोक भाई, मैं अक्सर डीलरों की बात पर न जाकर सर्विस करने वाले मैकेनिक की बात पर अधिक विश्वास करता हूँ क्योंकि ये उसका काम अधिक है और उसको बेहतर पता होगा। डीलरों को अक्सर गलत पता होता है। जैसे जब मैंने अपनी पिछली मोटरसाइकल तीन वर्ष पहले ली थी तो डीलर ने कहा था कि सीसे वाला पैट्रोल(leaded) डलवाऊँ, वही सही चलेगा!!! अब मैंने तो उसकी बात न सुनते हुए हमेशा उस वाली मोटरसाइकल में हिन्दुस्तान पैट्रोलियम का पॉवर डलवाया और मोटरसाइकल ने परफॉर्मेन्स भी अच्छी दी और माइलेज भी।
राजीव
आपका विश्लेषण पेट्रोल के मामले में तो ठीक रहा। पेट्रोल चलित वाहनों में अभी तक प्रीमियम पेट्रोल ही डलवाया है, सिवाय पुराने स्कूटर के। एकाध बार आप की तरह ही बदलाव कर के देखा जायएगा।
हाँ कोई इस प्रकार का अनुभव डीज़ल के मामले में भी हो – या किसी अन्य मित्र की सलाह तब भी यदि आप हमारे साथ बाँटे तो अच्छा रहेगा हमारे लिये अन्यों के अनुभव से लाभ उठाना।
Manish
इस जानकारी के लिये धन्यवाद !
समीर लाल
सही शोध हो लिया. माईलेज भी मिलने लगी, पैसे भी बचे..कुल मिला के मामला टकाटक. बहुत बधाई हो मित्र.
Amit
बिलकुल, बदल कर देखिए कि कौन सा पैट्रोल आपके वाहन के लिए उपयुक्त है। वैसे मैंने हिन्दुस्तान पैट्रोलियम के पॉवर को ढाई वर्ष से ऊपर प्रयोग किया है जिसमें पंद्रह हज़ार किलोमीटर से ऊपर मोटरसाइकल चलाई है और कभी कोई दिक्कत नहीं आई लेकिन इस बार इंडियन ऑयल के एक्सट्रा प्रीमियम के साथ जाने का निर्णय इसलिए लिया क्योंकि इंडियन ऑयल सबसे बड़ी तेल कंपनी है और इसके पैट्रोल पंप हर जगह मिल जाते हैं, जबकि हिन्दुस्तान पैट्रोलियम के मिलने में दिक्कत होती है। वैसे दिक्कत तो भारत पैट्रोलियम के उन पैट्रोल पंपों को ढूँढने में भी होती थी जहाँ स्पीड97 (Speed97) मिल जाए क्योंकि यह भारत पैट्रोलियम के सभी पंपों पर उपलब्ध न होकर कुछ पर ही मिलता है।
बिलकुल, इस मामले में कोई जानकारी मिली तो अवश्य बाटूँगा। वैसे जहाँ तक मुझे थोड़ी बहुत जानकारी है, प्रीमियम डीज़ल लोग कम ही प्रयोग करते हैं, अधिकतर साधारण डीज़ल डलवाना ही पसंद करते हैं।
Moonie
सही कहा, प्रीमीयम पेट्रोल या डीज़ल से कुछ फ़ायदा नही! पर ८० क.म. की रफ़तार पर माइलेज अच्छा मिलना चाहिए! यह समझ नही आया.
पुनीत ओमर
मुझे लगता है की अगर सही विस्कोसिटी वाला तेल पडा हुआ है तो ज्यादा स्पीड मी भगाने से माइलेज मे कुछ अधिक अन्तर नहीं आता है.
Andrew Kneebone
Hey just wanted to say thanks for putting one of my photos on. its a good feeling when people use them in their blogs and such. I have no idea what you are talking about but it’s still pretty cool
Drew
Amit
ऐसा नहीं है कि फायदा नहीं है। अभी जो डलवा रहा हूँ(इंडियन ऑयल का एक्स्ट्रा प्रीमियम) वह भी प्रीमियम पेट्रोल ही है, साधारण नहीं। जो पहले डलवा रहा था वह सुपर प्रीमियम था। बात सिर्फ़ इतनी सी है कि आपकी गाड़ी का इंजन उस तरह के पेट्रोल को हज़म करने लायक होना चाहिए!!
समझ मुझे यह नहीं आया कि आपने किस संदर्भ में यह कहा? भारत में जो वाहन चलते हैं वे अधिकतम माइलेज ५०-६० कि.मी.प्रति घंटे की रफ़्तार से चलाने पर देते हैं, इससे कम या ज़्यादा पर माइलेज गिर जाती है।
फर्क यह है पुनीत जी कि ज़्यादा स्पीड से भगाने पर वाहन तेल अधिक जलाता है इसलिए माइलेज में फर्क तो आता है। प्रत्येक वाहन के इंजन की एक क्षमता होती है जिसके अनुसार वाहन निर्माता वाहन के मैनुअल में यह बताता है कि उस वाहन से अधिकतम माइलेज आप कितनी गति में निकाल सकते हैं। मेरी पिछली मोटरसाइकल(एलएमएल की ग्रैप्टर) में तो स्पीडोमीटर में एकॉनोमी ज़ोन पर चिन्ह लगाया हुआ था कि मोटरसाइकल को उस ज़ोन में दौड़ाने पर अधिकतम माइलेज मिलेगी और ऐसा होता भी था इस बात की तस्दीक भी की थी मैंने!!
@Andrew: thanks for that photo(I’ve attributed it to you in the post as well). in this post am talking about my (sporty)bike & how I wasn’t getting any decent mileage from a super premium petrol but when I switched to another petrol company’s premium petrol I started getting quite a better mileage without any loss in performance & that petrol is cheaper as well!!!