क्या आप चोर हैं? – भाग २
पिछले भाग से आगे …..
पिछले भाग पर कुछ शंकाएँ और प्रश्न माननीय पाठकों ने किए जिनके उत्तर तो मैंने वहीं टिप्पणी में दे दिए थे लेकिन यहाँ भी इसलिए छाप रहा हूँ कि जिन्होंने नहीं पढ़े वे लाभ उठा सकें क्योंकि ये कुछ महत्वपूर्ण प्रश्न और शंकाएँ हैं जो कि एकाध को नहीं वरन् कई लोगों को हैं।
मैं तो flickr से ही फोटो लेता हूं। कैसे पता चलेगा कि कोई फोटो पब्लिक डोमेन में है या नहीं।
इसका उत्तर मैंने यूँ दिया:
अनिल जी, फ्लिकर पर कोई फोटो पब्लिक डोमेन में नहीं है, सभी कॉपीराईट के अंतर्गत उनके मालिकों की संपत्ति हैं। लेकिन बहुत लोगों ने फ्लिकर पर अपनी फोटो क्रिएटिव कॉमन्स (creative commons) लाइसेन्स के अंतर्गत रखी हुई हैं जिसके अनुसार आप उनका प्रयोग कर सकते हैं बशर्ते आप लाईसेन्स ले नियमों और शर्तों का पालन करें। आप फ्लिकर पर किसी भी फोटो को क्लिक कर उसके पेज पर पहुँच सकते हैं। वहाँ पर दाहिने ओर साइडबार में “Additional Information” के नीचे फोटो के लाइसेन्स संबन्धी जानकारी होती है। यदि “All rights reserved” लिखा है तो आप बिना अनुमति फोटो का प्रयोग नहीं कर सकते। लेकिन यदि क्रिएटिव कॉमन का ज़िक्र है तो उस पर क्लिक कर लाईसेन्स की शर्तों को पढ़िए और फिर उन शर्तों का पालन करते हुए आप उस फोटो का प्रयोग उसके मालिक की अनुमति के बिना भी कर सकते हैं क्योंकि ऐसी स्थिति में क्रिएटिव कॉमन लाइसेन्स के अंतर्गत अपने माल को डाल उन्होंने आपको प्रयोग करने की अनुमति दे दी है बशर्ते आप लाइसेन्स का पालन करें। मैंने भी इस ब्लॉग पर अपने पिछले कुछ लेखों में फ्लिकर से लिए हुए कुछ फोटो आदि प्रयोग किए हैं लेकिन वे सब क्रिएटिव कॉमन लाइसेन्स के अंतर्गत हैं और लाइसेन्स का मैंने पूर्ण रूप से अपने लेख में पालन किया है।
यह एक महत्वपूर्ण बात है क्योंकि अधिकतर लोग जल्दबाज़ी में अन्यथा अज्ञान के कारण ध्यान नहीं देते और समझते हैं कि गूगल या किसी अन्य सर्च इंजन अथवा फ्लिकर जैसी वेबसाइट पर मौजूद तस्वीर को उठा के प्रयोग कर सकते हैं। जैसा मैंने अनिल जी के प्रश्न का उत्तर दिया, आप फ्लिकर जैसी वेबसाइट अथवा गूगल जैसे सर्च इंजन से फोटो अपने प्रयोग के लिए ले सकते हैं, लेकिन आपको यह देखना पड़ेगा कि आप कौन सी फोटो आदि ले सकते हैं क्योंकि सभी फोटो आदि आप नहीं ले सकते।
इसके बाद रवि रतलामी जी ने पूछा:
मैंने किसी साइट से अर्जुन सिंह या ब्रिटनी का फोटो उठाया (जो कि सेलेब्रिटी हैं, और इनके फोटो सर्वत्र उपलब्ध हैं) तो क्या वो भी चोरी हुई?
जिसका उत्तर मैंने कुछ यूँ दिया:
रवि जी, बात सर्वत्र उपलब्ध होने की नहीं है। मैं यदि अपने घर के सामने वाले बाग़ में मौजूद एक गुलाब की फोटो लेता हूँ तो वह फोटो मेरा माल है। फूल तो सभी के लिए उपलब्ध है, कोई भी उसकी फोटो ले सकता है, जो फोटो लेगा वह फोटो उसका माल है। लेकिन यहाँ बात पब्लिक फिगर (public figure) की हो रही है। कॉपीराइट तो हर हाल में फोटो खींचने वाले का ही है, प्रश्न है कि क्या आप उसे बिना अनुमति प्रयोग कर सकते हैं कि नहीं। जहाँ तक मेरी जानकारी है, पब्लिक फिगर (public figure) या सेलेब्रिटी (celebrity) आदि का कोई फोटो जो हर जगह उपलब्ध है(जैसे प्रोमोशनल माल) उसका प्रयोग आप कर सकते हैं लेकिन यदि मैंने कोई खास फोटो खींचे हैं(फैशन शो में, या फोटोशूट में आदि) तो आप उनका प्रयोग मेरी अनुमति बिना नहीं कर सकते।
उनका अगला प्रश्न था:
और, क्या ये भी चोरी हुई कि किसी फोटो को इंटरनेट से उठाकर उसमें फोटो औजार से कुछ अदला-बदली कर इस्तेमाल कर लिया?
जिस पर मैंने कहा:
जी बिलकुल, यह भी उतना ही संगीन अपराध है जितना कि फोटो या इमेज को उसके मूल रूप में प्रयोग करना। गौरतलब बात है कि अभी मैंने अनिल जी को फ्लिकर पर मौजूद तस्वीरों के बारे में बताते हुए क्रिएटिव कॉमन लाइसेन्स का ज़िक्र किया है वह लाइसेन्स भी हर बार आपको मूल रचना में बदलाव करने की अनुमति नहीं देता। यदि इस लाइसेन्स में no derivatives की शर्त है तो आप मूल रचना में कोई बदलाव नहीं कर सकते।
फिर उन्होंने पूछा:
ये भी बताएँ, कि लीगली, डैमेजेस के तौर पर ऐसी सामग्री के इस्तेमाल करने वाले को क्या समस्या हो सकती है?
जिसके बारे में मैंने बताया:
जिसके कॉपीराइट का उल्लंघन आप कर रहे हैं वह चाहे तो आप पर कॉपीराईट उल्लंघन का मुकदमा ठोक सकता है और हर्जाने का दावा कर सकता है(जो कि लाखों या करोड़ों रुपयों में भी हो सकता है)। दोषी पाए जाने पर अदालत द्वारा तय किए गये हर्जाने को आपको भरना पड़ सकता है, न भरने की स्थिति में जेल भी हो सकती है।
तत्पश्चात उनका प्रश्न था:
क्या वह तब भी चोरी हुई जब उसे साभार सहित कड़ी देते हुए इस्तेमाल किया जा रहा है?
जिसके उत्तर में मैंने कहा:
हो सकती है, तब भी चोरी हो सकती है। फर्ज़ कीजिए कि मैं आपकी गाड़ी उठा के अपने घर ले आता हूँ और उस पर बोर्ड टाँग देता हूँ कि “साभार: रवि रतलामी” तो आप क्या कहेंगे?
किसी का माल बिना उसकी अनुमति जबरन ले आना चोरी ही है, चाहे आप साभार दें अथवा न दें।
फिर उन्होंने शंका व्यक्त की:
रचनाकार समेत बहुत सी साइटों जिनमें कि गिज्मेडो इत्यादि भी है, चित्रों को साभार पुनः प्रकाशित करते हैं (आमतौर पर अनुमति प्राप्त करने का झंझट नहीं मोल लेते) तो इनमें क्या लीगल कॉम्प्लीकेशन्स हो सकते हैं?
जिसके समाधान के तौर पर मैंने कहा:
बिलकुल हो सकती हैं यदि आपके पास उक्त माल को प्रयोग करने की अनुमति नहीं है। क्रिएटिव कॉमन आदि जैसे लाइसेन्स एक तरह से लिखित अनुमति ही है जो आपको उस माल का प्रयोग करने की छूट देती है यदि आप उसकी शर्तों का पालन करते हैं। लेकिन यदि किसी ने अपने माल की कोई लिखित अनुमति नहीं दी तो आप उसका प्रयोग नहीं कर सकते। गिज़्मोडो आदि ब्लॉग के बारे में पता नहीं कि वे कैसे प्रयोग करते हैं लेकिन यदि अनुमति नहीं है तो प्रयोग गैरकानूनी है और यदि माल का मालिक चाहे तो मुकदमा ठोक सकता है और बहुदा चान्स है कि मालिक मुकदमा जीत भी जाएगा।
क्या अब भी उन चित्रों को जहा से उठाया है उनको श्रेय दे दें?
तो इसके उत्तर में मैंने कहा:
सागर जी, श्रेय देने से काम नहीं बनेगा ना!! पहले देखिए कि जो जिसका माल आपने उठाया है वह किसी लाइसेन्स के अंतर्गत प्रयोग करने की अनुमति देता है कि नहीं। यदि नहीं तो या तो आप लिखित अनुमति(ईमेल भी लिखित अनुमति होती है) ले सकते हैं और यदि आपका मन नहीं है तो मत लीजिए अनुमति लेकिन ऐसा करने पर आपके ऊपर सदैव एक तलवार टंगी रहेगी कि उक्त माल का मालिक कभी भी आपको अदालत ले जा सकता है!!
जारी है अगले भाग में …..



9 Comments
अनिल रघुराज
अब तो आपने पूरा डरा ही दिया और सतर्क भी कर दिया है। आज नहीं तो कल कॉपीराइट का मामला अपने यहां भी स्थापित होगा जो सभी के लिए अच्छा ही रहेगा।
आलोक
यह हुई न बात। दूध का दूध पानी का पानी।
balkishan
ये तो बहुत बढ़िया पर डराने वाली जानकारी है.
मैं भी किसी भी फोटो साईट जैसे photobucket.com पर जाता हूँ और तस्वीर लेकर पोस्ट कर देता हूँ क्या इसका भी हर्जाना देना पड़ेगा. अब जब बात शुरू कर ही दिए है तो कृपया विस्तार से बताएं और सब शंकाओं का निवारण कीजिये.
बहुत मेहरबानी होगी.
मैं जेल नही जाना चाहता.
balkishan
एक प्रश्न है कि अगर ये मुफ्त इस्तेमाल के लिए नही होती तो फ़िर हम इन तस्वीरों को अपने कंप्युटर पर डाउनलोड कैसे कर पाते है? फ़िर तो इसपर भी पाबंदी होनी चाहिए?
अतुल शर्मा
बहुत ही काम की जानकारी। धन्यवाद।
अतुल शर्मा
एक बात और, इंटरनेट से सॉफ़्टवेयर, टेम्पलेट या संगीत आदि डाउनलोड करना क्या है?
Amit
अनिल जी, मकसद डराना नहीं है वरन् ज्ञान फैलाना और सचेत करना है ताकि अज्ञानवश साथी लोग खामखा की मुसीबत में न पड़ें, ऐसी मुसीबत जिसको टाला जा सकता हो।
धन्यवाद आलोक भाई।
बालकिशन जी, जो मैंने ऊपर फ्लिकर के संबन्ध में कहा है वह उस जैसी हर फोटो वेबसाइट के लिए है। फोटोबकेट हो या स्मगमग हो या ज़ूमर हो या कोई और, कही भी पोस्ट की हुई फोटो को आप बिना अनुमति नहीं ले सकते। लिखित रूप में अनुमति या तो खासतौर से आपके लिए हो सकती है(जो कि आप माल के मालिक से संबन्ध स्थापित कर हासिल करें) अथवा किसी लाइसेन्स के रूप में सार्वजनिक अनुमति हो सकती है।
डाउनलोड कर सकने का विकल्प आपके पास है लेकिन क्या ज़रूरी है कि किया ही जाए? यह तो ठीक वैसा ही हुआ कि आप गाड़ी किसी राह चलते व्यक्ति पर चढ़ा सकते हैं, तो यदि आपके पास चढ़ा सकने का विकल्प है तो आप चढ़ाएँगे ही? नहीं चढ़ाएँगे यदि आपको कानून का भय है तो; ठीक उसी तरह यहाँ पर भी इस सब से निपटने के लिए कॉपीराइट कानून है।
वही है जो कॉपीराइट कानून है। सॉफ़्टवेयर, टेम्पलेट, संगीत, फिल्में, सभी कॉपीराइट होती हैं। यदि कोई सॉफ़्टवेयर या टेम्पलेट आपको फोकट में प्रयोग करने का अधिकार देता है तो कर सकते हैं। लोकप्रिय संगीत और फिल्में आदि अमूमन फोकट नहीं होती, इसलिए उनको डाउनलोड करना गैरकानूनी ही है। कुछ संगीत के बैन्ड अपना संगीत फोकट में भी निकाले हैं, तो उनको उनके लाइसेन्स के अंतर्गत आप फोकट में ले सकते हैं।
yunus
अच्छा हुआ कि आपने इस ओर ध्यान खींचा । अज्ञानता दुस्साहस की जननी है और ज्ञान सतर्कता का जनक ।
अब ये बताएं कि इत्ती सारी तस्वीरें जो ब्लॉग पर चढ़ा रखी हैं उनका क्या करें । कहां कहां से अनुमति लें । हटा दें या फिर साभार जैसा कुछ करें ।
Amit
युनुस जी, आपका प्रश्न ठीक वैसा ही है जैसा सागर जी ने पिछले भाग पर किया था। इसका उत्तर मैंने ऊपर इस भाग में दिया है, कृपया देख लें। “इस बार जाने दीजिए” प्रकार का उत्तर मैं नहीं दे सकता क्योंकि आप मेरे माल की बात नहीं कर रहे हैं।