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	<title>Comments on: क्या आप चोर हैं? &#8211; भाग ३</title>
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	<description>the world from my eyes in my language - दुनिया मेरी नज़र से मेरी भाषा में</description>
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		<title>By: पुनीत ओमर</title>
		<link>http://hindi.amitgupta.in/2007/12/21/are-you-a-thief-3/#comment-1635</link>
		<dc:creator>पुनीत ओमर</dc:creator>
		<pubDate>Wed, 26 Dec 2007 10:03:21 +0000</pubDate>
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		<description>अमित जी, मुद्दा वाकई में गम्भीर है और तकनीकी से जुडा होने की वजह से आगे चल कर इसमें और भी कानूनी पेंच आने की सम्भावना है। अत्यन्त व्यवस्थित शैली में लिखे गये आपके ले्खों से इस सम्वेदनशील विषय के बारे में काफ़ी कुछ जानने को मिला। मेरा भी विगत में कुछ अनुभव इससे जुड़ा रहा था लेकिन ब्लॉगिग में कदाचित नया होने था इस विषय विशेष पर इतनी व्यवस्थित जानकारी के अभाव में सम्भवतय: मेरी ओर से भी कुछ गलतियाँ रहीं।
आपने ना केवल इतना कुछ बताया बल्कि एक जिम्मेदार इन्टरनेट उपभोक्ता बनने के लिये सभी को प्रेरित भी किया। आपके इस प्रयास के लिये धन्यवाद। आगे भी इस विषय में कुछ और अच्छे लेख की उम्मीद रखूँगा।</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>अमित जी, मुद्दा वाकई में गम्भीर है और तकनीकी से जुडा होने की वजह से आगे चल कर इसमें और भी कानूनी पेंच आने की सम्भावना है। अत्यन्त व्यवस्थित शैली में लिखे गये आपके ले्खों से इस सम्वेदनशील विषय के बारे में काफ़ी कुछ जानने को मिला। मेरा भी विगत में कुछ अनुभव इससे जुड़ा रहा था लेकिन ब्लॉगिग में कदाचित नया होने था इस विषय विशेष पर इतनी व्यवस्थित जानकारी के अभाव में सम्भवतय: मेरी ओर से भी कुछ गलतियाँ रहीं।<br />
आपने ना केवल इतना कुछ बताया बल्कि एक जिम्मेदार इन्टरनेट उपभोक्ता बनने के लिये सभी को प्रेरित भी किया। आपके इस प्रयास के लिये धन्यवाद। आगे भी इस विषय में कुछ और अच्छे लेख की उम्मीद रखूँगा।</p>
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		<title>By: Amit</title>
		<link>http://hindi.amitgupta.in/2007/12/21/are-you-a-thief-3/#comment-1639</link>
		<dc:creator>Amit</dc:creator>
		<pubDate>Fri, 21 Dec 2007 18:26:20 +0000</pubDate>
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		<description>लेख पसंद करने के लिए धन्यवाद शास्त्री जी। :)
&lt;blockquote&gt;चूंकि चोरी का मुद्दा मैं ने एवं उन्मुक्त जी ने पहली बार उठाया था अत: इस लेख में रूचि स्वाभाविक थी.&lt;/blockquote&gt;
जी नहीं, यदि मेरी याददाश्त दुरुस्त है तो आपके उठाने से पहले भी हिन्दी ब्लॉगजगत में यह मुद्दा पहले कुछेक बार उठ चुका है। :)

मुदित, प्रसन्नता हुई कि हिन्दी अच्छी नहीं होने के बावजूद आपने हिन्दी लिखने का प्रयास किया। मेरा मानना है कि परिणाम से अधिक प्रयास का महत्व है। और धन्यवाद कि आपको मेरा ब्लॉग अच्छा लगा। :)

सागर जी, HTML code आदि के बारे में मैं नहीं जानता कि उसके बारे में कानून का क्या नज़रिया है इसलिए इस बारे में कोई सलाह आदि नहीं दे सकता। जितना मैंने देखा है, अधिकतर वेब-प्रोग्रामर दूसरों के लिखे कोड को देख के बहुत सीखते हैं। रही बात किसी वेबसाइट का कोड उठा प्रयोग करने की तो इस मामले के कानूनी पक्ष से अंजान होने के कारण आपको कोई राय नहीं दूँगा, अपने रिस्क पर प्रयोग कीजिए। जहाँ तक कोई भी लिख सकता है की बात है, तो पहले भाग में रवि जी की ऐसी ही एक टिप्पणी का उत्तर मैंने एक उदाहरण सहित दिया था, कृपया उस पर एक बार पुनः नज़र मार लें। :)</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>लेख पसंद करने के लिए धन्यवाद शास्त्री जी। <img src='http://hindi.amitgupta.in/wp-content/plugins/smilies-themer/ig_cool/icon_smile.gif' alt=':)' class='wp-smiley' /><br />
<blockquote>चूंकि चोरी का मुद्दा मैं ने एवं उन्मुक्त जी ने पहली बार उठाया था अत: इस लेख में रूचि स्वाभाविक थी.</p></blockquote>
<p>जी नहीं, यदि मेरी याददाश्त दुरुस्त है तो आपके उठाने से पहले भी हिन्दी ब्लॉगजगत में यह मुद्दा पहले कुछेक बार उठ चुका है। <img src='http://hindi.amitgupta.in/wp-content/plugins/smilies-themer/ig_cool/icon_smile.gif' alt=':)' class='wp-smiley' /><br />
मुदित, प्रसन्नता हुई कि हिन्दी अच्छी नहीं होने के बावजूद आपने हिन्दी लिखने का प्रयास किया। मेरा मानना है कि परिणाम से अधिक प्रयास का महत्व है। और धन्यवाद कि आपको मेरा ब्लॉग अच्छा लगा। <img src='http://hindi.amitgupta.in/wp-content/plugins/smilies-themer/ig_cool/icon_smile.gif' alt=':)' class='wp-smiley' /><br />
सागर जी, HTML code आदि के बारे में मैं नहीं जानता कि उसके बारे में कानून का क्या नज़रिया है इसलिए इस बारे में कोई सलाह आदि नहीं दे सकता। जितना मैंने देखा है, अधिकतर वेब-प्रोग्रामर दूसरों के लिखे कोड को देख के बहुत सीखते हैं। रही बात किसी वेबसाइट का कोड उठा प्रयोग करने की तो इस मामले के कानूनी पक्ष से अंजान होने के कारण आपको कोई राय नहीं दूँगा, अपने रिस्क पर प्रयोग कीजिए। जहाँ तक कोई भी लिख सकता है की बात है, तो पहले भाग में रवि जी की ऐसी ही एक टिप्पणी का उत्तर मैंने एक उदाहरण सहित दिया था, कृपया उस पर एक बार पुनः नज़र मार लें। <img src='http://hindi.amitgupta.in/wp-content/plugins/smilies-themer/ig_cool/icon_smile.gif' alt=':)' class='wp-smiley' /> </p>
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	<item>
		<title>By: सागर चन्द नाहर</title>
		<link>http://hindi.amitgupta.in/2007/12/21/are-you-a-thief-3/#comment-1638</link>
		<dc:creator>सागर चन्द नाहर</dc:creator>
		<pubDate>Fri, 21 Dec 2007 11:47:13 +0000</pubDate>
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		<description>धन्यवाद अमितजी
सीधे तरीके से समझाने के लिये, अब एक  आखिरी प्रश्‍न। अगर किसी साईट पर कोई  HTML  कोड  आपको सही लगता है, तो क्या वह कोड भी उस ब्लॉगर की सम्पति है? क्यों कि कोड तो  जावा स्क्रिप्ट में बना है औरवह तो कोई भी बना सकता है, या उसमें थोड़ा बदलाव तो कोई भी कर सकता है।
उदाहरण के लिये मेरे ब्लॉगरोल वाला कोड, मैने किसी चिट्ठे के सोर्स कोड से ढूंढ़ा था और  थोड़ा बदलाव कर  अपने चिट्ठे पर लगाया था।</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>धन्यवाद अमितजी<br />
सीधे तरीके से समझाने के लिये, अब एक  आखिरी प्रश्‍न। अगर किसी साईट पर कोई  HTML  कोड  आपको सही लगता है, तो क्या वह कोड भी उस ब्लॉगर की सम्पति है? क्यों कि कोड तो  जावा स्क्रिप्ट में बना है औरवह तो कोई भी बना सकता है, या उसमें थोड़ा बदलाव तो कोई भी कर सकता है।<br />
उदाहरण के लिये मेरे ब्लॉगरोल वाला कोड, मैने किसी चिट्ठे के सोर्स कोड से ढूंढ़ा था और  थोड़ा बदलाव कर  अपने चिट्ठे पर लगाया था।</p>
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	<item>
		<title>By: मुिदत</title>
		<link>http://hindi.amitgupta.in/2007/12/21/are-you-a-thief-3/#comment-1637</link>
		<dc:creator>मुिदत</dc:creator>
		<pubDate>Fri, 21 Dec 2007 04:50:22 +0000</pubDate>
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		<description>मुझे आपके ब्लॉग का लिंक बर्काम्प दिल्ली ४ के पृष्ट से मिल्ला, अती प्रसन्नता हुई जब आपका पुरा हिन्दी ब्लॉग को देखा. वो कहते हैना &#039;फुला नही समाना &#039; बिल्कुल वैसी ही अनुभूति हुई, मेरी हिन्दी इतनी अची नही है, कोई गलती हुई हो तोू क्षमा करना
धन्यवाद</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>मुझे आपके ब्लॉग का लिंक बर्काम्प दिल्ली ४ के पृष्ट से मिल्ला, अती प्रसन्नता हुई जब आपका पुरा हिन्दी ब्लॉग को देखा. वो कहते हैना &#8216;फुला नही समाना &#8216; बिल्कुल वैसी ही अनुभूति हुई, मेरी हिन्दी इतनी अची नही है, कोई गलती हुई हो तोू क्षमा करना<br />
धन्यवाद</p>
]]></content:encoded>
	</item>
	<item>
		<title>By: Shastri JC Philip</title>
		<link>http://hindi.amitgupta.in/2007/12/21/are-you-a-thief-3/#comment-1636</link>
		<dc:creator>Shastri JC Philip</dc:creator>
		<pubDate>Fri, 21 Dec 2007 04:22:49 +0000</pubDate>
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		<description>यह लेख आज ही मेरी नजर में पडा.  पहले लेख से तीसरे लेख तक एक सांस में पढ गया. चूंकि चोरी का मुद्दा मैं ने एवं उन्मुक्त जी ने पहली बार उठाया था अत: इस लेख में रूचि स्वाभाविक थी.

आपने विषय को बहुत ही स्पष्ट तरीके से, सारे महत्वपूर्ण प्रश्नों का उचित समाधान करते हुए, लिखा है. बधाई हो.

जीवन लेने वाले से बहुत बडा होता है जीवन देने वाला. गलती को प्रोत्साहित करने के बदले उसके विरुद्ध चेतावनी देने वाल व्यक्ति इसी तरह महत्वपूर्ण कार्य करता है      -- शास्त्री

हिन्दी ही हिन्दुस्तान को एक सूत्र में पिरो सकती है.
हर महीने कम से कम एक हिन्दी पुस्तक खरीदें !
मैं और आप नहीं तो क्या विदेशी लोग हिन्दी
लेखकों को प्रोत्साहन देंगे ??</description>
		<content:encoded><![CDATA[<p>यह लेख आज ही मेरी नजर में पडा.  पहले लेख से तीसरे लेख तक एक सांस में पढ गया. चूंकि चोरी का मुद्दा मैं ने एवं उन्मुक्त जी ने पहली बार उठाया था अत: इस लेख में रूचि स्वाभाविक थी.</p>
<p>आपने विषय को बहुत ही स्पष्ट तरीके से, सारे महत्वपूर्ण प्रश्नों का उचित समाधान करते हुए, लिखा है. बधाई हो.</p>
<p>जीवन लेने वाले से बहुत बडा होता है जीवन देने वाला. गलती को प्रोत्साहित करने के बदले उसके विरुद्ध चेतावनी देने वाल व्यक्ति इसी तरह महत्वपूर्ण कार्य करता है      &#8212; शास्त्री</p>
<p>हिन्दी ही हिन्दुस्तान को एक सूत्र में पिरो सकती है.<br />
हर महीने कम से कम एक हिन्दी पुस्तक खरीदें !<br />
मैं और आप नहीं तो क्या विदेशी लोग हिन्दी<br />
लेखकों को प्रोत्साहन देंगे ??</p>
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