अडोबी की हवा और ट्वहिर्ल

अडोबी हवा यानि कि अडोबी एयर (Adobe AIR), पर ये हवा है कैसी? तो मामला ये है जनाब कि ये है अडोबी वालों का नया शगूफ़ा, एयर बोले तो अडोबी इंटीग्रेटिड रनटाइम (Adobe Integrated Runtime)। अब इसकी तकनीकी पेचीदगियों में मत जाईये, बस इतना समझिए कि यह माइक्रोसॉफ़्ट के डॉट नेट रनटाइम (Microsoft .NET Runtime) की तरह है। बस इस रनटाइम को डाउनलोड(तकरीबन 11 मेगाबाइट) कर इंस्टॉल कीजिए और आपके कंप्यूटर पर इसके लिए बने सभी सॉफ़्टवेयर चलने लगेंगे। माइक्रोसॉफ़्ट का डॉट नेट तो सिर्फ़ उन्होंने विन्डोज़ के लिए निकाला लेकिन अडोबी वालों का कोई अपना ऑपरेटिंग सिस्टम तो है नहीं इसलिए उन्होंने सबके लिए निकाल दिया – विन्डोज़ के लिए भी और सेब के मैक के लिए भी। लिनक्स वालों को अभी कदाचित् प्रतीक्षा करनी पड़ेगी क्योंकि लिनक्स वाला वर्ज़न अभी इन लोगों ने रिलीज़ नहीं किया है पर जल्दी ही करने का विचार रखते हैं।
अब वो सब तो ठीक है लेकिन इसका फायदा क्या है? इसका फायदा यह है कि इस पर चलने वाले सुन्दर जुगाड़ आपको मिलेंगे। अडोबी के अनुसार यह प्रयास है इंटरनेट के जुगाड़ों को ब्राउज़र से बाहर निकाल सीधे ही डेस्कटॉप पर लाने का, यानि कि अभी तक जो इंटरनेटिया सेवाएँ आदि आप ब्राउज़र में चला प्रयोग करते थे उनको सीधे ही आपके डेस्कटॉप पर लाया जाए, ब्राउज़र वगैरह का झंझट ही खल्लास।
यह रनटाइम अडोबी की तरफ़ से फोकटी है, ठीक फ्लैश प्लेयर की भांति, तो उसको इंस्टॉल कर लीजिए। इसका अधिकारिक पहला वर्ज़न यहाँ से डाउनलोड करें। इसके अधिकतर सॉफ़्टवेयर अभी इस वर्ज़न पर काम नहीं करते क्योंकि यह हाल ही में रिलीज़ हुआ, तो उस स्थिति से बचने और सॉफ़्टवेयर चलाने के लिए आप इस इसका बीटा-3 इंस्टॉल कर सकते हैं।

कर लिया इंस्टॉल? तो आईये चलते हैं आगे हवाई सफ़र पर। सफ़र के पहले पड़ाव पर देखते हैं ट्वहिर्ल (twhirl) को जो कि ट्विट्टर (twitter) के लिए एक जुगाड़ है। अब यह ट्विट्टर क्या है यदि आपके दिमाग में यह प्रश्न उठ रहा है तो रवि जी का साल भर पहले लिखा यह लेख अवश्य पढ़ें। उस लेख के लगभग साल भर बाद यानि कि पिछले महीने जीतू भाई को सपना आया कि ट्विट्टर क्या होता है तो उन्होंने भी अपनी पोस्ट ठेल दी, तो उनकी पोस्ट भी देख लीजिएगा(नहीं तो दिल्ली आते ही मुझे डंडा देंगे कि उनकी पोस्ट का ज़िक्र क्यों नहीं किया, ही ही ही)।
हाँ तो अब आप साहबान ट्विट्टर के बारे में जान ज्ञानी लोगों की श्रेणी में आ गए हैं तो अपन चलते हैं ट्वहिर्ल (twhirl) पर जो कि अडोबी की हवा पर उड़ने वाला ट्विट्टर का एक जुगाड़ है। अब वैसे तो ट्विट्टर गूगल की चैट पर सैट कर आराम से प्रयोग कर सकते हैं, अपने अंग्रेज़ी ट्विट्टर का उसमें ही प्रयोग करता हूँ, लेकिन यदि एक से अधिक ट्विट्टर खाते हैं तो क्या कीजिएगा? तो अपने हिन्दी ट्विट्टर को अपडेट करने के लिए मैं जुगाड़ देख रहा था तो यह ट्वहिर्ल मिला। यह दिखने में बहुत सुन्दर लगा, साधारण सा बिना ताम-झाम वाला जुगाड़ जो ठीक किसी चैट वाले जुगाड़ की भांति दिखता है। ट्वहिर्ल में चूंकि आप अपनी पसंद का फाँट सैट कर सकते हैं तो इसलिए आप यूनिकोड फाँट चुन के हिन्दी तो देख सकते हैं परन्तु समस्या यह है कि इसमें आप हिन्दी सीधे नहीं लिख सकते। बराह आदि से तो आप इसमें लिख ही नहीं पाएँगे, यदि इंडिक आईएमई का प्रयोग करते हैं तो इसमें जबरन हिन्दी लिख तो लेंगे लेकिन वह कचरे में बदल कर ही ट्विट्टर पर जाएगी, यानि कि सीधे नहीं लिख सकते।
परन्तु यह यूनिकोड सपोर्ट करता है, तो आप हिन्दी किसी अन्य जगह लिख(जैसे नोटपैड) और वहाँ से कॉपी कर इसमें चिपकाएँगे तो हिन्दी सही दिखेगी भी और सही पोस्ट भी हो जाएगी। दिक्कत वाला काम है लेकिन आशा है कि आने वाले नए वर्ज़न में शायद यह समस्या हल हो जाए और सीधे हिन्दी लिखने का जुगाड़ हो जाए, यह समस्या रिपोर्ट कर दी है।

इसके अतिरिक्त कोई अन्य हवाई जुगाड़ मुझे नहीं मिला जिसमें हिन्दी कॉपी-पेस्ट से भी चलती हो, यानि कि यूनिकोड वाला जुगाड़ फिलहाल यही है। बहरहाल, यदि आप इस कॉपी-पेस्ट के जनजाल में नहीं पड़ना चाहते और ट्विट्टर पर हिन्दी में लिखना चाहते हैं तो बिल्लू दी खिड़की यानि कि माइक्रोसॉफ़्ट विन्डोज़ (Microsoft Windows) वालों के लिए एक सही जुगाड़ है विट्टी (witty) जिसको चलाने के लिए डॉट नेट होना आपके कंप्यूटर पर आवश्यक है – डॉट नेट का नवीनतम वर्ज़न 3.5 यहाँ से डाउनलोड करें।
यदि आपके पास पहले से डॉट नेट है या आपने अब इंस्टॉल कर लिया है तो बस विट्टी को डाउनलोड करिए और इंस्टॉल कीजिए। यह ट्विट्टर के लिए एक सही जुगाड़ है और बढ़िया बात यह कि अभी तक मैंने जितने जुगाड़ देखे हैं उनमें यह अकेला है जिसमें बिना किसी मशक्कत के हिन्दी सीधे ही टाइप भी हो जाती है और पोस्ट भी हो जाती है, दिखती तो खैर है ही।
चूंकि इसका अडोबी की हवा से कोई लेना-देना नहीं है इसलिए इसकी बात यहाँ करना अप्रासंगिक है पर अब जब बात निकल ही आई तो मैंने सोचा कि ट्विट्टर के लिए इस जुगाड़ के बारे में भी बता ही दिया जाए!!



9 Comments
Tarun
भईया इतनी सारी जानकारी हिंदी में देने के लिये धन्यवाद
, अंग्रेजी में तो पहले ही टुकड़ों टुकड़ों में पढ़ लिया था। फिलहाल तो अपना कोई ईरादा नही है इसे इस्टॉल करने का। अपने मन की भड़ास संक्षेप में शरीफों की तरह निकालने के जुगाड़ ट्विटर में अभी कुछ दिनों पहले खाता खोला था। कोई खास मजा नही आया, कह नही सकते वहाँ वापस कब जायेंगे।
संजय बेंगाणी
एडोब एयर के सही उपयोग का समय अभी आयेगा, पहले ही बता देने के लिए धन्यवाद.
amit
तरुण भाई, ट्विट्टर का प्रयोग सिर्फ़ यह बताने के लिए कि आप क्या कर रहे हैं नहीं होता। आज ट्विट्टर का प्रयोग पब्लिक चैट के लिए भी होता है और माइक्रोब्लॉगिंग के लिए भी। जैसे मेरे हिन्दी ट्विट्टर को लीजिए, इसका प्रयोग मैं सिर्फ़ माइक्रोब्लॉगिंग के लिए करता हूँ, संक्षेप में विचार और खबरें छापता हूँ और इसलिए उसकी फीड भी अपने इस ब्लॉग की फीड में समाहित कर रखी है।
अपने अंग्रेज़ी ट्विट्टर का प्रयोग मैं माइक्रोब्लॉगिंग के लिए भी करता हूँ, चैट के लिए भी करता हूँ और चूंकि उसको मैंने अपने गूगल चैट के खाते से जोड़ा हुआ है तो जीपीआरएस द्वारा उसका प्रयोग कंप्यूटर से दूर होने पर भी करता हूँ।
यह तो आपकी रचनात्मकता पर है कि आप कैसे इसका प्रयोग करते हैं।
संजय भाई, हाँ अभी तो नई चीज़ है, लेकिन इसलिए भी सही-२ जुगाड़ आ रहे हैं, अगले लेखों में बताऊँगा।
जीतू
सही बताया। यूनीकोडिट ट्विटर क्लाइंट तो हम भी तलाश रहे थे, आज ही विट्टी को ट्राई मारते है।
संजय
amit
लेख पढ़िए संजय जी, यदि पढ़ेंगे और उसमें मौजूद लिंक देखेंगे तो अपने आप पता चल जाएगा।
अंकुर गुप्ता
अभी ये अच्छी तरह से समझ नही आया. मैं तो फ़्लेक्स, और एयर में कंफ़्यूज हो गया. फ़िलहाल ASP.NET AJAX Silverlight FLash आदि समझता हूं. पर फ़्लेक्स और एयर में क्या अंतर है. कोल्डफ़्यूजन तो asp.net की भांति है. फ़िर एयर और फ़्लेक्स क्या है. साइट पर जाकर देखा तब भी समझ नही आया. इनका व्यापारिक महत्व बताइये.
amit
कोल्डफ्यूज़न और ऐएसपी.नेट में काफ़ी फर्क है, दोनों एक समान नहीं है। ऐएसपी.नेट एक फ्रेमवर्क है जो कि डॉट नेट फ्रेमवर्क का हिस्सा है जिसके भीतर अलग-२ प्रोग्रामिंग भाषाएँ प्रयोग की जा सकती हैं। कोल्डफ्यूज़न एक (एचटीएमएल जैसी)टैग आधारित प्रोग्रामिंग भाषा है जिसे मैक्रोमीडिया ने प्रोमोट किया और सुधारा और बाद में जिसको जावा के ऊपर स्थापित किया।
अब फ्लैक्स और एयर पर आते हैं। फ्लैक्स एक प्रोग्रामिंग भाषा है जो मैक्रोमीडिया ने निकाली थी। यह भी एक टैग आधारित भाषा है जो कि एक्सएमएल सरीखी दिखती है जिसका उद्देश्य यह था कि इसको प्रयोग कर प्रोग्रामर अपने वेब सॉफ़्टवेयरों के यूज़र इंटरफेस फ्लैश में बना सकेंगे बिना फ्लैश डिज़ाइन और स्क्रिप्टिंग की जानकारी के। अब उन्होंने फ्लैक्स अलग से क्यों निकाली और कोल्डफ्यूज़न में ही क्यों नहीं एक अलग मॉड्यूल निकाल दिया यह मेरे भी समझ में नहीं आया। इसके बारे में अधिक जानने के लिए यहाँ देखें। यह कुछ-२ ओपन-लाज़लो की तरह है जिसका उद्देश्य भी वही है, प्रोग्रामरों को एक ज़रिया देना कि वे फ्लैश एप्लीकेशन बिना फ्लैश जानकारी के बना सकें।
अडोबी एयर एक फ्रेमवर्क है जिसमें फ्लैक्स, एजैक्स आदि कुछ भी प्रयोग कर आप एक सॉफ़्टवेयर बना सकते हैं जो कि प्रयोक्ता के कंप्यूटर पर चलेगा(न कि किसी रिमोट सर्वर पर) और जो देखने में सुन्दर हो और इंटरनेट से कनेक्ट कर किसी वेब एप्लीकेशन का सुख डेस्कटॉप पर दे सके।
तो मोटा-२ यूँ समझिए कि फ्लैक्स एक प्रोग्रामिंग भाषा है और एयर एक फ्रेमवर्क है। दोनो एक साथ भी काम कर सकते हैं और जुदा भी।
अंकुर गुप्ता
Thank you so much sir.