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इंक ब्लॉगिंग एक लफ़ड़ा…..


October 31st, 2008 at 07:07 am | 11 Comments
ये इंक ब्लॉगिंग भी अजीब लफ़ड़ा है! एक तो ब्लॉगिंग की लत ऐसी है कि पिछले साढ़े नौ बरस से छुड़ाए नहीं छूट रही, और दूसरी ओर नए सॉफ़्टवेयर की टैस्टिंग के बहाने अब अपनी लिखावट को थोड़ा सुधारने का विचार मन में आया है। कंप्यूटर पर जब से काम होने लगा है तब से कागज़ कलम से मानो नाता ही टूट गया है। स्टेशनरी वाला भी मुए कंप्यूटर को कोसता होगा जिसने उसकी ग्राहकी कम करवा दी!! अब मुझे भी अभ्यास छूट गया है तो कभी लिखना पड़ जाता है तो बहुत ही असहज लगता है! सुबह कक्षा में भी नोट्स लेने का बिलकुल मन नहीं करता, मन में बस यही आता है कि पड़ोसी के नोट्स बाद में फोटोकॉपी करवा लेंगे, अब लिखने की ज़हमत कौन उठाए!! लेकिन तभी ध्यान आता है कि जनवरी में एक नहीं वरन्‌ दो सेमेस्टरों के पर्चे लिखने हैं, वाट लग जाएगी!! ऐसा सोच एक बार दो दिल दहल सा जाता है। यह तो भला हो मेरे इस मोबाइल का कि इसके लिए यह नोट्स लेने और स्केच बनाने के इस सॉफ्टवेयर की टैस्टिंग करते-२ यह विचार मन में आया। और जहाँ इस सॉफ्टवेयर की बात है तो इसके दो प्रयोग अपने ब्लॉगिंग के कीड़े के कारण दिमाग में आ रहे हैं! किसी ने सही कहा है कि लत ऐसी जो न करवा जाए वही कम है!! तो चलो अब देखते हैं कि ब्लॉगिंग की लत का यह अध्याय कब तक चलता है!!

11 Comments

अनूप शुक्ल


जलवे हैं। धांसू!


LOVELY


सुंदर लिखावट अमित जी.


ज्ञानदत्त पाण्डेय


ईर्ष्या हो रही है – खालिस!


सागर नाहर


बढ़िया लिखा। अगर यह सोफ्टवेर के जरिये लिखा है तो बहुत ही बढ़िया है। साथ ही साथ उस सोफ्टवेर की जानकारी भी मिल जाती तो..!!


amit


धन्यवाद अनूप जी और लवली जी।
 
ज्ञान जी, ईर्ष्या की अग्नि में काहे जल रहे हैं, आप भी अपनी टेक्नॉलोजी अपग्रेड कीजिए और ले लीजिए हमरे जैसा मोबाइल फुनवा!! ;)
 
सागर जी, सॉफ़्टवेयर की जानकारी के साथ शीघ्र ही एक लेख हिन्दी डिजिट ब्लॉग पर छपेगा! :tup:


आशीष कुमार ‘अंशु’


कमाल कर दिया


Ratan singh


बढ़िया लिखा।


masijeevi


इंक ब्‍लॉगिंग की बात ही अलग है। परये तो मानोगे ही कि बिना लिंक के भी क्‍या ब्‍लॉगिंग इसलिए हस्‍तलिखित छवि को तभी इंक ब्‍लॉग पोस्‍अ माना जाना चाहिए जब उसमें हॉट-स्‍पॉट बनाकर लिंक लगाए जाएं। तरीका आपकसे आता ही होगा,समीरजी एक पोस्‍ट पहले लिख चुके हैं। हमने इस पोस्‍ट में अपनाया था।
http://chitthacharcha.blogspot.com/2007/06/blog-post_10.html


amit


तो क्या मसिजीवी जी आप कह रहे हैं कि यदि ब्लॉग पोस्ट में लिंक न हो तो उसको ब्लॉग पोस्ट नहीं माना जाएगा?? ;)

जब लिंक करने के लिए कुछ हो ही न तो फिर लिंक का करें? और जो अपनी ही पिछली पोस्ट को रेफ़रेन्स के तौर पर इस पोस्ट के शुरुआत में लिंक करने का मन न हो तो का करें? हाँ इमेज में हॉट स्पॉट बनाना हमका एक जमाने से आता है लेकिन कौनो आवश्यकता हो तभी ही ना बनाएँगे!! :) अगली कोई पोस्ट लिखेंगे जिसमें लिंक की आवश्यकता हुई तो आप उसमें हॉट स्पॉट भी पाएँगे, बेफिक्र रहिए!! :tup:


jitendra bhagat


nice hai ji


प्रवीण त्रिवेदी-प्राइमरी का मास्टर


:grin: :grin: :grin: :grin: :grin: :grin: :grin: :grin: :grin: :grin:

एक और नया बवाल …..?????

:razz: :razz: :razz: :razz: :razz: :razz: :razz: :razz: :razz: :razz:


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