ट्विट्टर और हिटलर…..
ट्विट्टर कदाचित् सबसे लोकप्रिय माइक्रोब्लॉगिंग सेवा है। साथ ही शुरुआत में घटिया तरीके से बनाई जाने के कारण इसका कोड शापित है और इस वर्ष के शुरुआत से दो-तीन महीने पहले तक यह रोज़ाना बैठ जाती थी। हालात ऐसे हो गए थे कि ट्विट्टर की मैनेजमेन्ट ने अपने चीफ़ टेक्नॉलोजी ऑफिसर को दरवाज़ा दिखा दिया था जिसकी घटिया प्लानिंग के कारण यह सेवा रोगग्रस्त हो गई थी!! तो ट्विट्टर के इन रोज़ाना के डाऊनटाइम से बहुत लोग खफ़ा थे, आए दिन टीका टिप्पणी करती ब्लॉग पोस्ट कई लोकप्रिय तकनीकी ब्लॉगों पर आती रहती थी।
इसी के चलते किसी ने एक बढ़िया सा वीडियो इस पर बना दिया कि कैसे हिटलर को ट्विट्टर पर पोस्ट ठेलनी थी और ट्विट्टर उस समय बैठा हुआ था और इससे हिटलर काफ़ी खफ़ा हो जाता है!! कैसे यह पूरा मामला देखिए निम्न वीडियो पर। इस वीडियो की भाषा जर्मन है जिस पर न जाकर स्क्रीन पर आने वाले सबटाईटल पढ़ें जो कि ट्विट्टर के संदर्भ में हैं!!
सबटाईटल अंग्रेज़ी में हैं!!
इतना ही कहाँ, इधर यह वीडियो देखने के बाद हंसी रूकी नहीं थी कि एक और वीडियो मिल गया जिसमें हिटलर अपने ट्विट्टर पर पाठकों को रोक पाने में असमर्थ हैं, पाठक आते हैं लेकिन आते ही भाग खड़े होते हैं और दोबारा कोई नहीं आता!!
इस वीडियो को देख तो हंसी के मारे बुरा हाल हो गया। यह वीडियो भी ऊपर वाले वीडियो जैसा ही है बस सबटाईटल अलग हैं क्योंकि अलग संदर्भ है। इसके सबटाईटल भी अंग्रेज़ी में हैं!!
ये दोनों वीडियो एक ही फिल्म से कुछ भाग काट कर बनाए गए हैं। यह फिल्म दर उन्तर्गॉन्ग (Untergang, Der) नाम की जर्मन फिल्म है जो कि चार वर्ष पूर्व 2004 में रिलीज़ हुई थी। फिल्म के शीर्षक का अंग्रेज़ी अनुवाद “द डाऊनफॉल” (The Downfall) है। यह फिल्म द्वितीय विश्वयुद्ध में बर्लिन के बंकर में गुज़रे हिटलर के अंतिम दिनों का वर्णन करती है हिटलर की आखिरी सेक्रेटरी त्राल ज़ूँ (Traudl Junge) की ज़ुबानी।
बाकी सब एक ओर, इन वीडियो को देख वाकई बहुत हंसी आई। आशा है कि इन दोनो वीडियो को देख आपको भी हंसी आई होगी!!



7 Comments
संजय बेंगाणी
ट्विटर को धो डाला
Gyan Dutt Pandey
मजेदार!
वैसे ट्विटर के हिन्दी ग्राहक कितने हैं?
Ashish Khandelwal
हिटलर… मेरा मतलब ट्विटर की जय हो……….
RC Mishra
सही मे बहुत हँ
सी आयी!
RC Mishra
सही मे बहुत हँसी आयी
amit
ज्ञान जी, यह तो पता नहीं कि ट्विट्टर पर हिन्दी में कितने लोग पिले पड़े हैं, मेरी जानकारी में तो अधिक लोग नहीं हैं। उसकी समस्या यह है कि हिन्दी ब्लॉगर अभी माइक्रोब्लॉगिंग के प्रति उदासीन हैं, उनको अभी कन्सेप्ट पकड़ में नहीं आया है या कोई लाभ नज़र नहीं आ रहा है!
धीरे-२ हो सकता है कि इसकी नब्ज़ लोगों की पकड़ में आ जाए!
ausmitra
The secretary of Hitler was definately Traudl Junge. But it was in Hindi ट्राउड्ल युंगे not त्राल जूँ.
I would praise the correction.