वह गली वह मोहल्ला, ऐसा लगता है कि मानों किसी बीते युग का प्रतीक हो, कोई भूली बिसरी याद हो…..
इलाहाबाद में भी कुछ इमारतों को देख ऐसा ही कहने का मन करता है।
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Gyan Dutt Pandey
इलाहाबाद में भी कुछ इमारतों को देख ऐसा ही कहने का मन करता है।