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Archive for the ‘फोटोग्राफ़ी’ Category


एक अदद कैमरे की चाह…..


June 1st, 2009 | 13 Comments

सभी लोग हर चीज़ का ज्ञान नहीं रखते, ऑलराऊंडर अति दुर्लभ (या विलुप्त) प्रजाति है, हम जैसे आम जन एक-दो चीज़ों का ही ज्ञान डिटेल में रख पाते हैं।

camera

अभी कुछ दिन पहले एक परिचित बोले कि डिजिटल कैमरा लेने की सोच रहे हैं। अभी तक वे फिल्म वाला कोडेक (Kodak) चला रहे थे, अब डिजिटल होना चाहते हैं, फिल्म में झंझट बहुत है और बारंबार फिल्म डालनी पड़ती है। मुझसे बोले कि यार तुम बड़ा सा औकात वाला कैमरा लिए हुए हो, जानकारी भी रखते हो तो एक कैमरा हमें भी सुझाओ।

मैंने उनसे पूछा बजट कितना है तो वे बोले कि बारह-तेरह हज़ार तक है। मैंने कहा कि कुछ बढ़ाने की गुंजाइश है क्या तो वे बोले कि तुम इतने में ही बढ़िया सा कैमरा करवाओ। तो मैंने उनको समझाया कि कैमरे के साथ एक मेमोरी कार्ड भी लेना होगा (दो ले लें तो बेहतर है) जिसमें फोटो स्टोर होती है, एक बार की इंवेस्टमेन्ट होती है, फिल्म की भांति बार-२ नहीं बदलना होता। उन्होंने पूछा कि यह कितने का आता है तो मैंने कहा आने को तो घस्सी से घटिया ऐं-वैं कार्ड तीन-चार सौ में आ जाते हैं लेकिन सैनडिस्क (Sandisk) का कार्ड लें तो बेहतर होगा, 4GB का अल्ट्रा २ (Ultra II) वाला कार्ड हज़ार-ग्यारह सौ का आ जाएगा और यदि उससे बेहतर एक्सट्रीम ३ (Extreme III) चाहिए तो वह तकरीबन दो हज़ार का आ जाएगा। बाकी रहा कैमरा तो वह स्लिम-ट्रिम छरहरी काया का चाहिए या डील-डौल वाला भी चलेगा। तो इस पर उत्तर मिला कि स्लिम-ट्रिम चाहिए, देखने में भी अच्छा हो और काम भी बढ़िया करे। मैंने पूछा कि कहाँ से ले रहे हैं तो बोले इससे क्या फर्क पड़ता है, तो मैंने बताया कि यहीं से लेंगे तो रिटेल में अमूमन कैमरे आदि महंगे मिलते हैं, अमेरिका या दुबई से लेंगे तो सस्ता मिल जाएगा। तो वे बोले कि अमेरिका में फलाना रिश्तेदार है जो अगले महीने आने वाला है, उसी के हाथ मंगवा लिया जाएगा।

Panasonic Lumix DMC-TZ5
Panasonic Lumix DMC-TZ5

सब बात एनालाइज़ (analyse) करने के बाद मैंने उनसे कहा कि पैनासोनिक ल्यूमिक्स टीज़ेड5 (Panasonic Lumix TZ5) ले लें, बजट के हिसाब से वही सबसे बढ़िया कैमरा है। पिछले साल आया था, बढ़िया कैमरा है और तकरीबन पौने तीन-तीन सौ डॉलर में आ जाएगा। नौ मेगापिक्सल का कैमरा है जिसमें 10x का ऑप्टिकल ज़ूम (optical zoom) है, पैनासोनिक की बढ़िया ऑप्टिकल इमेज स्टेबिलाइज़ेशन (optical image stabilization) है और लेएका(leica) का लेन्स लगा है, 28mm वाइड एंगल (wide angle) से लेकर 280mm टेलीफोटो (telephoto) तक जाता है।

पैनासोनिक का नाम सुन के उन्होंने मुँह बिचकाया, बोले उनका एक मित्र प्रोफेशनल फोटोग्राफ़र है, अपना फोटो स्टूडियो चलाता है और उसके अनुसार प्रोफेशनल फोटोग्राफ़र कैनन (canon) और निकोन (nikon) को ही पसंद करते हैं क्योंकि वे ही सबसे बढ़िया कैमरे बनाते हैं। मैंने उनके मित्र की पोल खोलना ठीक न समझा, उनका मित्र है तो कदाचित्‌ उनको अपने मित्र के बारे में ऐसा सुनना अच्छा न लगता अन्यथा ऐसे फोटो स्टूडियो वाले प्रोफेशनल फोटोग्राफ़रों के बारे में मैं क्या राय/विचार रखता हूँ उनसे इन साहब को अवश्य परिचित करवाता। ;) तो उनको मैंने सिर्फ़ इतना कहा कि आप प्रोफेशनल नहीं हैं वरन्‌ डिजिटल कैमरों के मामले में नए हैं, इसलिए प्रोफेशनल लोग क्या इस्तेमाल करते हैं वो छोड़िए और वह देखिए जो आपके लिए उत्तम है, क्योंकि प्रोफेशनल वालों के प्रोफेशनल कैमरे बहुत महँगे आते हैं और काफ़ी बड़े होते हैं।

Panasonic Lumix DMC-FZ50
Panasonic Lumix DMC-FZ50

दाम और आकार की बात सुन परिचित महोदय सीधे हो गए और लेवल पर आ गए। :D पैनासोनिक को लेकर वे अभी भी संशय में थे तो मैंने बताया कि फालतू कंपनी नहीं है, पहले इनके कैमरे कोई अधिक नहीं पूछता था लेकिन पिछले कुछ समय से ये एक के बाद एक हिट और धाकड़ आईटम निकाल रहे हैं। वे पूछ बैठे कि तुमने कौन सा कैमरा लिया हुआ है तो मैंने मुस्कुराते हुए कहा कि मेरा भी पैनासोनिक है (Panasonic Lumix FZ50), पिछले दो वर्ष से इस्तेमाल कर रहा हूँ और बढ़िया कैमरा है।

अब उनका संशय दूर हुआ तो वे उस बात पर आए जो मैंने पहले कही थी और वे उसको तभी से पूछने को बेचैन नज़र आ रहे थे। बोले कि दो मेमोरी कार्ड लेने का क्या लाभ जैसा कि तुमने कुछ देर पहले बतलाया। तो मैंने कहा कि दो कार्ड लेने का यह लाभ रहता है कि मानो एक खराब हो गया तो दूसरा तो चलता रहेगा। इस पर वे बोले कि कार्ड की वारंटी तो आती होगी तो उस पर बदल जाएगा। मैंने कहा कि वारंटी में जब बदलेगा तो बदलेगा, लेकिन यदि कार्ड छुट्टियाँ मनाते हुए खराब हो गया तो बाकी के फोटो कैसे खींचे जाएँगे? और यदि कार्ड खराब हो गया और अगले दिन छुट्टियाँ मनाने निकलना है तो कैसे फोटो लेंगे? और यदि कार्ड वारंटी के बाद खराब हुआ तो खड़े पैर कहाँ से दूसरा कार्ड जुगाड़ेंगे? इस पर बात उनके पल्ले पड़ गई और बैकअप कार्ड का महत्व उनको समझ आ गया। साथ ही मैंने कहा कि कोई आवश्यक नहीं है कि दो कार्ड लें, यदि बजट नहीं है तो एक ही ले लें और बैकअप कार्ड बाद में ले लें जब बजट बने, मैंने भी ऐसा ही किया था, शुरुआत में एक कार्ड लिया और बाद में ही दूसरा लिया था।

इतनी चर्चा और ज्ञान के बाद उनको डिजिटल कैमरे की तस्वीर ज़रा साफ़ नज़र आने लगी और धन्यवाद अदा कर वे घर की ओर बढ़ गए, कदाचित्‌ अपने रिश्तेदार को कैमरा खरीदने के लिए कहने!! :D

 
यदि आप भी ऐसी किसी दुविधा में हैं कैमरा खरीदने के विषय में तो मैंने कुछ समय पहले डिजिटल कैमरों पर सरल शब्दों में चार भागों में एक लेख लिखा था, कदाचित्‌ उसे पढ़ आपका ज्ञानवर्धन होगा और आप बेहतर निर्णय ले सकेंगे। :tup:

  1. डिजिटल कैमरा …..
  2. डिजिटल कैमरा ….. – भाग २
  3. डिजिटल कैमरा ….. – भाग ३
  4. डिजिटल कैमरा ….. – भाग ४

 
 
कैमरे का कार्टून चित्र साभार: एवराल्डो कोएलहो


ब्लिसफुल इंफ्यूज़न…..


July 28th, 2008 | 4 Comments

दो सप्ताह पूर्व मैंने यहाँ पहली बार खुलासा किया था कि शीघ्र ही मेरा फोटो ब्लॉग (photo blog) शुरु होगा और यह आशा जताई थी की आगामी सप्ताहांत तक ऐसा हो जाएगा। लेकिन ऐसा हुआ नहीं, कारण ऐसा कि नियमित पाठक तो खैर अब इस आदत से परिचित हो ही गए होंगे और जो नहीं वे अब हो जाएँगे। ;) तो बात यूँ हुई कि हफ़्तों की मेहनत के बाद मामला सब तैयार था, सप्ताहांत भी आ गया लेकिन जो वर्डप्रैस थीम (WordPress theme) मैंने चुनी थी (फोटो ब्लॉग के लिए कुछ ही थीम मिल पाईं थी और यही उनमें ठीक ठाक लगी थी) और जिसे मैंने अथक परिश्रम से अपने अनुसार संशोधित किया था वह ऐन मौके पर मुझे न जाने क्यों नापसंद हो गई, मामला ठीक न लगा और मन में कुछ अलग ही तस्वीर का अक्स उभरा। :evil:

बस फिर क्या था, उस उभरे अक्स को एचटीएमएल (HTML) तथा सीएसएस (CSS) की सहायता से एक लेआऊट (layout) की शक्ल दी, उसमें हफ़्ते भर बदलाव करता रहा और अभी पिछले शुक्रवार 25 जुलाई को जब मामला संतोषजनक लगा तो शनिवार को उसे वर्डप्रैस की थीम में बदलना शुरु करा, बहुत समय नहीं था कार्य करने के लिए क्योंकि ऑफिस का भी कार्य था जिसे निपटाना था, लेकिन जितना समय निकाल पाया उतने में लगभग पूरी थीम बन ही गई। अब रविवार के दिन सोचा काम आसानी से हो जाएगा लेकिन हुआ न, और थोड़ा सा जो काम थीम पर बाकी था उसको करते-२ भी समय लग ही गया, परन्तु काम पूरा हो गया। तुरंत वर्डप्रैस इंस्टॉल किया गया और उसको सैट किया। :tup:

तो साहबान, पेश है (ब्लॉग सू़चि में हुआ इजाफ़ा) मेरा फोटो ब्लॉग – ब्लिसफुल इंफ्यूज़न (Blissful Infusion) :)

Blissful Infusion


आप सभी का इस फोटो ब्लॉग पर स्वागत है। मुझे आशा है कि अब आप सिर्फ़ शब्दों के द्वारा ही नहीं वरन्‌ तस्वीरों के माध्यम से भी मेरी नज़र से दुनिया देखेंगे। :D :tup:

आपकी प्रतिक्रिया की बेसब्री से प्रतीक्षा है। :)


आह यह बेसब्री …..


July 12th, 2008 | 9 Comments

काफ़ी समय से सोच रहा हूँ कि अपना एक फोटो ब्लॉग (photo blog) आरंभ करूँ, यह सोच पिछले वर्ष अधिक प्रबल हुई जब फोटोग्राफ़ी का शौक परवान चढ़ने लगा, लेकिन फिर सोचता कि क्या करना है पहले ही इतने सारे ब्लॉग हैं मेरे जो कि लगभग सभी अनाथ पड़े हैं, काहे एक और अनाथ की वृद्धि की जाए!! बहुतों ने कहा कि समस्या क्या है, कन्टेमप्लेट (contemplate) काहे करते हो, शुरु करो अपना फोटो ब्लॉग। आखिरकार मैंने निर्णय लिया और फोटो ब्लॉगिंग के लिए मुफ़्त सॉफ़्टवेयर ढूँढने लगा लेकिन काफ़ी ढूँढने के बाद भी कुछ ऐसा नहीं मिला जो मेरी इच्छानुसार हो। वर्डप्रैस के लिए भी कुछ प्लगिन और थीम आदि मिलीं लेकिन वे भी मेरी इच्छानुसार नहीं निकले, जो मुझे चाहिए था वह उनमें किसी में न मिला। आखिरकार निर्णय लिया कि स्वयं ही सॉफ़्टवेयर बनाया जाए अपनी इच्छानुसार और अति उत्साहित हो मैंने कार्य आरंभ किया। लेकिन हुआ वही जो अक्सर मेरे साथ होता है, अभी उस पर थोड़ा सा ही काम किया था कि कुछ अन्य मुद्दे सामने आ गए, फिर ऑफिस के कार्य ने घेर लिया और इस तरह वह फोटो ब्लॉग सॉफ़्टवेयर अधूरा ही छूट गया। :(

अभी कुछ समय पहले पुनः जोश ने उबाल मारा लेकिन इस बार सोचा कि पूरा सॉफ़्टवेयर स्वयं लिखने की जगह पहले से बने बनाए सॉफ़्टवेयर को अपने फोटो ब्लॉग के लायक बनाया जाए। तो इस कार्य के लिए प्रकट विकल्प यानि कि ऑबवियस चॉयस वर्डप्रैस था, इस सॉफ़्टवेयर में बेसिक फीचर सभी हैं और इससे अपने मन-माफ़िक काम करवाने का सालों का तजुर्बा है। तो इस बार वर्डप्रैस को आधार बनाकर काम पुनः शुरु हुआ और काफ़ी जल्दी ही लाँच के लायक काम हो गया, मैं अपनी अक्ल को कोस रहा था कि यह विचार पिछले वर्ष काहे नहीं आया!! कदाचित्‌ उस समय तक कोड इग्नाईटर (Code Igniter) का नशा बरकरार था और हर चीज़ उसमें शुरु से बनाने की तलब लगती थी। ;)

अभी मई के अंत में हुए दिल्ली के पहले ब्लॉगकैम्प में फोटो ब्लॉगिंग पर अपने सत्र के दौरान मैंने खासतौर से फोटो ब्लॉगिंग के लिए उपलब्ध मुफ़्त सॉफ़्टवेयरों आदि के बारे में बताया था और वहाँ भी यही कहा था कि इनमें से कोई मेरे मन माफ़िक न निकला इसलिए मैं अपने जुगाड़ पर कार्य कर रहा हूँ जो कि शीघ्र ही अनावरित होगा।

इस बीच इस बात पर भी विचार किया कि अपने इसी डोमेन पर एक सब डोमेन बना उस पर फोटो ब्लॉग आरंभ करूँ या एक अलग डोमेन लूँ। इस बारे में भी परिचितों और मित्रों से हर तरह के सुझाव मिले। आखिरकार मुझे एक अच्छा डोमेन मिला और मैंने तय कर लिया कि उस पर फोटो ब्लॉग आरंभ करूँगा लेकिन आशीष को वह डोमेन किसी अन्य कार्य के लिए जंचा और उसने सुझाव दिया कि इसको उस दूसरे कार्य में प्रयोग कर सकते हैं!! उस समय मैंने उसको कितनी गालियाँ दी होंगी यह तो मैं भी नहीं जानता, एक तो ढंग का डोमेन कठिनाई से मिलता है और जब एक बढ़िया सा मिल गया तो वह उसको प्रयोग करने से मना कर रहा है जिसका अर्थ यह कि एक अन्य डोमेन ढूँढना पड़ेगा। बहरहाल एक दिन ऐसे ही रात को बैठा था, आखिरी पहर था और मैं उनींदा सा हो रहा था कि एकाएक दिमाग में एक विचार आया और झट से उस डोमेन को खोजा और वह मिल गया, बस फिर क्या था उसको पंजीकृत करवा लिया।

अब एक माह से वह डोमेन, “कमिंग सून” यानि कि “शीघ्र आ रहा है” की तख्ती लगाए, प्रतीक्षा में है। नाम? नाम है – ब्लिसफुल इन्फ्यूज़न (Blissful Infusion)!!

Blissful Infusion


फोटो ब्लॉग का मामला अभी पूर्णतया मेरी इच्छानुसार नहीं बना है लेकिन लाँच के लिए तैयार है, धीरे-२ उसमें बाकी की फीचर्स डाल उसको पूरा करने का इरादा है। लेकिन अधीरता क्यों? अधीरता इसलिए कि मामला लगभग तैयार है, कुछ छोटे-मोटे बदलाव करने हैं बस लेकिन इस सप्ताहांत बिलकुल भी समय नहीं मिलेगा तो इसलिए मामला अगले सप्ताह पर खिसक गया है, अपने से और कंट्रोल नहीं हो रहा था इसलिए इसके बारे में यहाँ लिख ही डाला।

अब बस अगले सप्ताह मामला ठीक रहा तो सप्ताहांत को फोटो ब्लॉग सभी के सामने होगा। कोई बहुत बड़ी बात नहीं है, अपन कोई तीस मार खाँ भी नहीं हैं लेकिन मेरे लिए यह बहुत ही खुशी का अवसर होगा कि मेरे ब्लॉगों की सूचि में एक का इजाफ़ा हो गया और मेरा भी फोटो ब्लॉग बन गया! :D


देवताओं के ए खामोश नगर …..


June 11th, 2008 | 3 Comments

ऐसे ही पिछले वर्ष छुट्टियों पर दिल्ली से बाहर की गई घुम्मकड़ी के दौरान ली गई तस्वीरें देख रहा था कि फरवरी में ली गई खजुराहो की तस्वीरें दिखाई दीं। एकाएक ही मन जैसे उन पूर्व-मध्यकालीन मंदिरों की उड़ान पर चला गया; उस समय हरिप्रसाद चौरसिया जी की बांसुरी के मधुर संगीत की स्वर लहरियाँ कानों से टकरा मानों जन्नत का सा एहसास करा रहीं थी। जब वहाँ पिछले वर्ष गया था तो पश्चिमी मंदिरों के समूह को देखने हम सुबह सवेरे गए थे, उस समय वहाँ अधिक पर्यटक नहीं थे, मंदिर के अंदर बैठने पर मानों ऐसा प्रतीत हो रहा था कि सदियाँ बीत गई हों वहाँ बैठे-२ और पता ही नहीं चला, इतनी शांति थी हर ओर कि मन के सभी शोर जैसे उससे डर कर भाग गए थे!!

जब वह सुन्दर और शीतल तंद्रा भंग हुई तो सोचा कि कुछ अलग किया जाए, एकठो स्लाईडशो टाइप अपन भी बना लें तो उस समय खजुराहो में ली गई तस्वीरों में से सबसे बेहतरीन तस्वीरों को जोड़ यह बना डाला। :) स्पीकर अथवा हेडफोन को भी चालू कर यह वीडियो देखें, पार्श्व संगीत बढ़िया है। :tup:

Get the Flash Player to see the wordTube Media Player.

प्रतिबिंब पर जब खजुराहो की एक तस्वीर पोस्ट की थी तो नीरज दादा से साथ में लगाने के लिए यह पंक्तियाँ ली थीं:

ए चंदेलों के जमाने के शहर खजुराहो
देवताओं के ए खामोश नगर खजुराहो
ए तिलिस्मात न जामये खजुराहो
पर तवे रौनके इकबाल कमर खजुराहो

तेरा हर नक्श है पत्थर पै जवानी का उभार
तुझमें महफज है अय्यामें गुजिशता की बहार
सनअते संग तराशी के ऐ मशहूर दयार
मंदिरों से तेरी तारीख का कायम है मयार

यह किसकी रचना है यह तो नीरज दादा को भी नहीं पता लेकिन सुन्दर रचना है यह तो मुझ जैसा (इन मामलों में)गंवार भी कह सकता है! :tup:


मेगापिक्सल ही मेगापिक्सल


January 26th, 2008 | 5 Comments

कोई अपने 7 मेगापिक्सल (megapixel) के डिजिटल कैमरे से खुश है, कोई 8 मेगापिक्सल (megapixel) के डिजिटल कैमरे से, मैं अपने 10 मेगापिक्सल (megapixel) के डिजिटल कैमरे से खुश हूँ, निकोन (nikon) के नए डीएसएलआर (dslr) 12 मेगापिक्सल (megapixel) के आ रहे हैं। कैनन ने हाल ही में अपना सबसे महंगा डीएसएलआर (dslr), 1डीएस मार्क तीन (1ds-Mark III), निकाला 21 मेगापिक्सल (megapixel) का, जिससे वह हैसलब्लॉड (hasselblad) के बाज़ार में टक्कर ले सके।

लेकिन कोई इस सबसे आगे की सोच बैठा और निकल भी गया!! स्विट्ज़रलैन्ड की एक कंपनी, सीएट्ज़ फोटोटेक्नीक, ने अपना 160 मेगापिक्सल (megapixel) का डिजिटल कैमरा निकाल दिया है!!

जी यह मज़ाक बिलकुल नहीं है, यह कैमरा बाज़ार में उपलब्ध है और 60 बाई 170 मिलिमीटर के आकार की 160 मेगापिक्सल (megapixel) की फोटो ले सकता है, प्रत्येक फोटो का भार 900 मेगाबाइट (megabyte) होगा!! यह कैमरा 48 बिट(rgb) की फोटो लेता है और इसमें आप श्नेडर अथवा रोडेनस्टॉक के लेन्स प्रयोग कर सकते हैं। इसकी फोटो लेने की अधिकतम गति सेकन्ड का दो हज़ारवां भाग प्रति पिक्सल है। :D

यदि आप चाहें तो अपने अड़ोस-पड़ोस में सभी की ईर्ष्या के पात्र बन सकते हैं इस कैमरे को खरीद के, अधिक महँगा भी नहीं है, तकरीबन साढ़े चवालिस हज़ार अमेरिकी डॉलर मात्र का है!! ;) अधिक जानकारी के लिए यहाँ देखें


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