आज सुबह सवेरे बेतवा नदी में राफ्टिंग के लिए गए; बहाव अधिक नहीं था और 3 ही रैपिड थे लेकिन मज़ा खूब रहा, नदी में तैरना भी!!

ओरछा में दिन आरामपूर्वक बीता; इस समय होटल में लोक संगीत एवं नृत्य का कार्यक्रम चल रहा है जिसे सिर्फ़ मैं और एक विदेशी मोहतरमा देख रहे हैं।

खजुराहो घूमना फिरना हो लिया, अब छुट्टी का आखिर दिन ओरछा में; कल दिल्ली वापसी और परसों से पुनः काम पर।

चार दिन की छुट्टी पर खजुराहो और ओरछा की यात्रा पर। कंप्यूटर की अनुपलब्धता के कारण ईमेल तथा टिप्पणियों के उत्तर देना संभव न होगा।
