अब आखिरकार अपने लिए पहला हिन्दी डोमेन (अमितगुप्ता.com) तो ले ही लिया, सोचा कि इस ब्लॉग के पते को भी हिन्दी में कर दिया जाए। तो इसलिए “हिन्दी” के प्यूनी कोड में एक सब-डोमेन (sub-domain) बना के उसको इस ब्लॉग पते पर रीडायरेक्ट करवा दिया। यानि कि अब आप इस ब्लॉग पर आने के लिए इसके हिन्दी पते हिन्दी.अमितगुप्ता.com को भी प्रयोग कर सकते हैं।
परन्तु एक बात मैंने यह नोटिस करी कि ऑपरा और फायरफॉक्स में तो यूनिकोड आराम से प्यूनी कोड में बदल जाता है और डोमेन खुल जाता है लेकिन इंटरनेट एक्सप्लोरर के वर्ज़न 6 में यह नहीं होता। संभव है कि जो अभी भी इंटरनेट एक्सप्लोरर का वर्ज़न 6 या उससे भी पुराना संस्करण (तौबा!! लेकिन ऐसे बहुत मिल जाएँगे) प्रयोग कर रहे हैं उनको इस बारे में दिक्कत होगी!!
अमरीका को खरीदना चाहते हैं? जी हाँ, बिलकुल खरीद सकते हैं!! डोमेन नाम अमेरिका.कॉम (america.com) की नीलामी 22 मई 2008 को शुरु होगी और 29 मई 2008 तक चलेगी। इसकी आरक्षित कीमत दस लाख अमेरिकी डॉलर रखी गई है जिसका अर्थ है कि इसका मौजूदा मालिक इसको इस कीमत से कम में नहीं बेचेगा और यदि नीलामी में इतनी कीमत नहीं पहुँची तो बिना बिक्री के नीलामी समाप्त हो जाएगी!! वैसे मुझे नहीं लगता कि इसके मौजूद मालिक को कोई टेन्शन होनी चाहिए, नीलामी में इस डोमेन की बोली दस लाख डॉलर से ऊपर पहुँच ही जाएगी; देखने वाली बात तो यह होगी कि इसको खरीदता कौन है!!
आपने काला-बाज़ार के बारे में तो सुना ही होगा कि कैसे किसी वस्तु की माँग बढ़ती दिखती है तो साहूकार अपने गोदाम भर लेते हैं और जब बाज़ार में माल मिलना बंद हो जाता है तो वे मन-माफ़िक दामों पर बेचते हैं। साथ ही दो नंबर वाले प्रॉपर्टी डीलरों के बारे में भी सुना होगा जो कि उस प्रॉपर्टी पर आपसे पहले कब्ज़ा कर लेते हैं जिस पर आपकी निगाह होती है और फिर आपको ऊँचे दाम पर बेचने की पेशकश करते हैं।
इंटरनेट की वर्चुअल दुनिया में एक ही प्रकार की प्रापर्टी होगी है, डोमेन नाम। यह ठीक वैसे ही है जैसे आपने किसी शहर-गाँव में कोई ज़मीन खरीद ली या लंबी अवधि के लिए किराए पर ले ली। डोमेन नाम को आप खरीदते नहीं हैं वरन् सालाना लीज़(lease) पर लेते हैं जिसके तहत आप प्रति वर्ष उसका भाड़ा चुकाते हैं ताकि वह डोमेन आपके पास बना रहे और आप उसका जैसे चाहें वैसे प्रयोग करते रहें। डोमेन नाम एक भू-खंड की तरह है और जो आप उस पर वेबसाइट बनाते हैं वह किसी इमारत की तरह जिसमें चाहे तो आप स्वयं रहें या उस इमारत को होटल या ऑफिस आदि में बदल उससे नोट कमाएँ।
ज़मीन खरीदने से पहले आप देखते हैं कि आपको कहाँ ज़मीन लेनी है, कौन सी जगह लेना सही रहेगा, कहाँ सस्ती और अच्छी मिलेगी। और फिर आप या तो सीधे ज़मीन के मालिक से खरीदते/किराए पर लेते हैं अथवा किसी दलाल के द्वारा। डोमेन लेने में भी कुछ-२ ऐसा ही होता है, आप ढूँढते हैं कि आपके मनपसंद नाम वाला डोमेन उपलब्ध है कि नहीं; यदि उपलब्ध है तो आप किसी एक दलाल(रजिस्ट्रार – registrar) से उसको किराए पर ले लेते हैं और यदि डोमेन उपलब्ध नहीं तो उसके मौजूदा मालिक से संपर्क कर उसको पाने का प्रयास करते हैं। यहाँ तक तो ठीक है, यह सामान्य प्रक्रिया है। यदि आपका वांछित डोमेन उपलब्ध है तो आप किसी भी रजिस्ट्रार से उसको ले सकते हैं और कोई बंदिश नहीं कि आपने जिस रजिस्ट्रार के द्वारा डोमेन ढूँढा उसी से आपको लेना होगा, परन्तु यदि जिस रजिस्ट्रार के द्वारा आपने डोमेन ढूँढा वह आपके ढूँढते ही उस डोमेन पर कब्ज़ा कर ले तो आपके पास फिर सिर्फ़ उसी रजिस्ट्रार से डोमेन लेने का विकल्प होगा। और इस बात की कोई गारंटी नहीं कि आपने यदि तुरंत डोमेन नहीं लिया और एकाध दिन बाद लेने आए तो वह रजिस्ट्रार उस डोमेन के आपसे ज़्यादा पैसे नहीं माँगेगा।
डोमेन नाम बेचने के धंधे में वैसे भी रजिस्ट्रारों यानि कि दलालों की उतनी कमाई नहीं रह गई है जितनी पहले हुआ करती थी। आज बहुत की कम मार्जिन पर रजिस्ट्रार डोमेन आगे ग्राहकों को दे रहे हैं क्योंकि गला-काट प्रतियोगिता है बाज़ार में। इसी के चलते ऐसे बहुत से रजिस्ट्रार हैं जो पहले बाज़ार के बड़े खिलाड़ी होते थे और आज जिनको पूछने वाला कोई नहीं क्योंकि उन्होंने अपने को बाज़ार में बनाए रखने के लिए अपने दाम कम नहीं करे हैं और पहले जैसे ही ऊँचे दाम बनाए रखे हैं। ऐसे ही गिरते रजिस्ट्रारों में से एक है नेटवर्क सॉल्यूशन्स जो कि शुरुआती दिनों में बहुत बड़ा फन्ने खाँ हुआ करता था लेकिन आज इसको कोई नहीं पूछता। क्यों? अरे जब दुनिया भर के रजिस्ट्रार पाँच-पाँच सौ रूपए में डोमेन दे रहे हैं तो कोई इससे तीन गुणा से अधिक दाम पर क्यों लेगा? आप कहेंगे कि सर्विस क्वालिटी तो जनाब इससे काफ़ी बेहतर सर्विस देने वाले रजिस्ट्रार इसके दाम के एक-तिहाई में डोमेन दे रहे हैं!! यह रजिस्ट्रार बाकी रजिस्ट्रारों की तरह आपको पाँच सौ रूपए प्रति वर्ष का भाव तब देगा जब आप इससे सौ वर्षों का अनुबंध करेंगे और पूरा भुगतान एडवांस में करेंगे। यदि आंकड़े कुछ कहते हैं तो यह देखिए:
निम्न है सूचि जो दर्शाती है अभी तक सबसे अधिक डोमेन बेचने वाले रजिस्ट्रार

इसमें नेटवर्क सॉल्यूशन्स तीसरे नंबर पर सिर्फ़ इसलिए बना हुआ है क्योंकि यह सबसे पुराने रजिस्ट्रारों में से एक है और शुरुआती दिनों में इसके द्वारा बहुतों ने डोमेन लिए थे। लेकिन अन्य कुछ आंकड़े तस्वीर साफ़ करेंगे।
निम्न सूचि दर्शाती है आज के समय के तेज़ी से बढ़ते शीर्ष 15 रजिस्ट्रार और उनके लाभ और हानि को

अब यह सूचि में आपको गोडैडी और इनोम रजिस्ट्रार शीर्ष पर ही दिखेंगे क्योंकि ये बाज़ार के साथ चलते हैं और सेवा की गुणवत्ता के साथ-२ अपने दाम भी बाज़ार के अनुसार रखते हैं इसलिए लोग इनसे लेना पसंद करते हैं। गोडैडी सीधे ग्राहक को बेचने में यकीन रखता है जबकि इनोम से आप सीधे खरीदें तो महँगा पड़ेगा लेकिन इसके विक्रेता दुनिया भर में हैं जिनसे आप काफ़ी सस्ते में खरीद सकते हैं। नेटवर्क सॉल्यूशन्स की खामी यह है कि उससे सीधी खरीद तो महँगी है ही, उसके विक्रेता भी उतने ही महँगे हैं क्योंकि वह विक्रेताओं को इतना मार्जिन नहीं देता कि विक्रेता खुद उसके रेट से कम में बेच सकें। अब यदि नेटवर्क सॉल्यूशन्स का हाल इस सूचि में देखना है तो वह निम्न है।

853वें स्थान पर मौजूद नेटवर्क सॉल्यूशन्स घाटे में है, यानि कि बाज़ार में उसका हिस्सा कम होता जा रहा है और उसके द्वारा रजिस्टर हुए डोमेन संख्या में कम होते जा रहे हैं। अधिक जानकारी हमको निम्न सूचि देती है।

इस आखिरी सूचि से अंदाज़ा होता है इस गिरते हुए रजिस्ट्रार के हाल का।
तो अब आप सोचेंगे कि यहाँ तक तो ठीक है, ऊपर-नीचे तो धंधे में लगा ही रहता है लेकिन इसका काला-बाज़ारी आदि से क्या लेना देना जिसका ज़िक्र मैंने पोस्ट के शुरु में किया था!! है, उसका ही संबन्ध लगता है अपने को तो। हर आईकान(ICANN) द्वारा सर्टिफाईड रजिस्ट्रार किसी भी डोमेन नाम को फोकट में अपने पास 3-4 दिन रख सकता है। वह चाहे तो इस अवधि के पश्चात डोमेन पर अपना हक छोड़ सकता है और इस तरह उसको कोई पैसे नहीं देने होंगे परन्तु यदि इस अवधि के बाद भी वह डोमेन नहीं छोड़ता तो डोमेन रजिस्ट्री को उसे उस डोमेन का शुल्क देना होगा। तो नेटवर्क सॉल्यूशन्स गेम यह खेल रहा है कि यदि आप कोई डोमेन नाम उसके पास ढूँढते हैं तो यदि वह उपलब्ध है तो नेटवर्क सॉल्यूशन्स उसको पकड़ लेता है जिस स्थिति में यदि आपको ढूँढे हुए नामों में से कोई नाम चाहिए तो वह आपको नेटवर्क सॉल्यूशन्स से ही लेना होगा और अन्य किसी रजिस्ट्रार से नहीं ले सकते!! यह नाम नेटवर्क सॉल्यूशन्स पूरे चार दिन तक पकड़ के बैठेगा और उसके बाद छोड़ देगा। और यदि आप एकाध दिन बाद ढूँढे गए नामों में से किसी को रजिस्टर कराने पहुँचते हैं तो यह इस बात का संकेत है कि वह डोमेन आपके लिए महत्वपूर्ण है, इसलिए नेटवर्क सॉल्यूशन्स उसके ऊँचे दाम भी माँग सकता है। साथ ही इस बात की कोई गारंटी नहीं कि वह इस तरह पकड़े गए नामों की सूचि आदि आगे किसी को नहीं बेच रहा।
डोमेन नामों की स्पेक्यूलेशन आदि और पकड़ के खरीद-फरोख्त करोड़ों रुपए सालाना का बाज़ार है। यह ठीक वैसा है जैसे भूमि व्यापार या कह लीजिए शेयर बाज़ार जहाँ आप अंदाज़ा लगाते हैं कि कौन सी जगह पर कौन सा भूमिखंड अथवा कौन सी कंपनी का शेयर ऊँचा उठेगा और कितना उठेगा और उसके अनुसार आप खरीद-फरोख्त करते हैं ताकि दाम ऊँचा होने पर बेच सकें। डोमेन का व्यापार भी कुछ ऐसा ही है, डोमेन व्यापारी दम-खम रखने वाले अच्छे नामों को खोजते हैं और उनको रजिस्टर कर लेते हैं और फिर उनको ऊँचे दामों में बेचते हैं और जब-तक अपने पास रखते हैं तब तक उनसे विज्ञापनों आदि द्वारा कमाई भी करते हैं।
अभी तक नेटवर्क सॉल्यूशन्स पर सिर्फ़ शक जा रहा था कि वह अपने यहाँ ढूँढे गए नामों को पकड़ के बैठ रहा है लेकिन अब साफ़ हो गया है जब वह सीधे ही सीना ठोक के हामी भरता है कि वह ऐसा कर रहा है (अंग्रेज़ी में खबर यहाँ पढ़ें)। इस तरह 4-5 दिन के लिए डोमेन पर कब्ज़ा करने के बारे में आईकान(ICANN) की फिलहाल कोई स्पष्ट नीति नहीं है जो इस रजिस्ट्रार को या ऐसे किसी अन्य रजिस्ट्रार को रोक सके। कहने को तो इस विषय पर नेटवर्क सॉल्यूशन्स के नीति बनाने वाली समिति के उप-अधिपति(Vice President of Policy), जॉनथन नेवेट्ट, ने कहा कि उनका इरादा सिर्फ़ इतना है कि यदि कोई ग्राहक अपने लिए डोमेन खोजता है और एकाध दिन बाद आकर उसको पाने की कोशिश करे तो उसको वह प्राप्त हो सके और कोई अन्य उसको न ले उड़े (अंग्रेज़ी में खबर यहाँ पढ़ें) लेकिन यह महज़ एक बकवास के अतिरिक्त और कुछ नहीं है। डोमेन रजिस्ट्रेशन पहले आया पहले ले गया (First Come First Served) की तर्ज पर होता है, यदि आपके किसी ट्रेडमार्क का डोमेन नहीं है तो आपके खोजने भर से ही आपका उस पर हक नहीं हो जाता कि कोई और न ले सके। और नेटवर्क सॉलूशन्स की ओर से यह बकवास ही है कि वे अपने ग्राहक के लिए डोमेन सुरक्षित कर रहे हैं ताकि दोबारा आने पर उनको मिल सके, क्योंकि कोई गारंटी नहीं है कि कोई अन्य व्यक्ति आकर उनसे डोमेन नहीं ले जाएगा!! वे सिर्फ़ अनैतिक तरीके से अपनी दलाली सुरक्षित करने का प्रयास कर रहे हैं; डोमेन चाहे कोई ले जाए लेकिन उन्हीं से लेकर जाए और रोकड़ा उनकी जेब में ही आए!!
यह तो सीधे-२ अपनी ताकत का गलत लाभ उठा बाज़ार में अपनी दलाली जबरन हासिल करने का एक टुच्चा तरीका है जो कि एक तरह से इस ओर लोगों का विश्वास मज़बूत ही करता है कि नेटवर्क सॉल्यूशन्स वाकई तेज़ी से नीचे जा रहा है और इसी के चलते तरह-२ के हथकंडे अपनाने से परहेज़ नहीं करेगा। साथ ही वह ग्राहकों पर से अपना विश्वास समाप्त कर रहा है, इस बात की क्या गारंटी रह जाएगी कि कल को वह किसी के डोमेन में घपला नहीं कर देगा? आईकान(ICANN) की नीतियों में बहुत लफ़ड़े हैं बहुत झोल हैं और कोई भी समझदार उनके दाएँ-बाएँ जाकर अपना उल्लू सीधा कर सकता है। और जो एक बार गलत कार्य कर सकता है वह पुनः भी कर सकता है, नेटवर्क सॉल्यूशन्स ने यह तो दिखा ही दिया कि वह एक गलत कार्य कर रहा है और सीना ठोक के कर रहा है क्योंकि कानूनी रूप से उसको फिलहाल कोई रोक नहीं सकता!!
श्रीश ने कहा कि डोमेन आदि कैसे लें इस पर मैं एक लेख लिखूं तो आज समय मिलने पर मैंने सोचा कि चलो इस काम को भी निपटा दिया जाए।
वैसे मैंने इस पर कोई दो वर्ष पहले अंग्रेज़ी में लिखा था – Shopping for a Domain? How to? – तो सोचा कि उसी से माल मसाला लेकर आज के हिसाब से अपडेट कर छाप देते हैं!!
तो प्रस्तुत है जो मुझसे बन पाया।
क्या आप अपनी निजी या शौकिया या व्यवसायिक वेबसाइट के लिए डोमेन लेने की सोच रहे हैं? यदि हाँ और यदि इससे पहले कभी आपने डोमेन नहीं लिया है तो जेब ढीली करने से पहले इस संबन्ध में जानकारी प्राप्त करना आपके हित में है। पहला कदम सोच-समझ कर उठाना लाभकारी भविष्य की निशानी होता है।
आपका डोमेन इंटरनेट पर ठीक उसी तरह है जिस तरह वास्तविक दुनिया में आपके घर/ऑफिस का पता। आप लोगों पर अच्छा प्रभाव डालना चाहते हैं, आप नहीं चाहते कि लोग आपके बारे में गलत राय कायम करें। इसलिए आप यथासंभव किसी अच्छे मोहल्ले या ऑफिस कॉम्पलेक्स में अपना घर/ऑफिस कायम करते हैं। यही बात आपके डोमेन पर भी लागू होती है, वह भी अच्छा होना चाहिए। आपका डोमेन आकर्षक होना चाहिए ताकि लोग उसके प्रति आकर्षित हों। वह याद करने में भी आसान होना चाहिए ताकि लोगों को उसको खोलने के लिए आपके बिज़नेस कार्ड या कागज़ के उस छोटे टुकड़े को बार-२ न देखना पड़े जिस पर आपका डोमेन लिखा है। तो डोमेन लेते समय इन बातों का ख्याल रखना चाहिए:
अब जबकि आपके पास यह लिस्ट है जो आपको बताती है कि किस प्रकार अपने डोमेन का चुनाव करें, तो आपको अधिक कठिनाई नहीं होगी अपने डोमेन का चुनाव करने में। मैं सुझाव दूँगा कि आप कम से कम 4-5 डोमेन सोच के रखें, क्योंकि अच्छा डोमेन मिलना उसी प्रकार कठिन होता जा रहा है जिस प्रकार महानगरों में मकान मिलना।
अब नाम का चुनाव करने के साथ आपको टीएलडी(TLD – Top Level Domain), जैसे कि .COM, .NET, .ORG आदि, का भी चुनाव करना है। कई तरह के टीएलडी आज उपलब्ध हैं, कुछ आम टीएलडी के बारे में जानकारी निम्न है:
इनके अतिरिक्त बहुत से अन्य टीएलडी भी आज के समय में उपलब्ध हैं, जैसे कि .EDU, .TV आदि। इसके अलावा देशों के अपने टीएलडी भी हैं जैसे भारत का .IN है, स्विटज़रलैन्ड का .CH, जर्मनी का .DE, इटली का .IT, कनाडा का .CA, संयुक्त राज्य अमेरिका का .US, सिंगापुर का .SG आदि।
यदि आप कुछ अरसे से इंटरनेट पर विचरण कर रहे हैं तो आपको यह तो समझ आ ही गया होगा कि कुछ अपवादों को छोड़ कोई आवश्यक नहीं कि किसी टीएलडी को जिस तरह की वेबसाइट के लिए बनाया गया उस पर उसी तरह की वेबसाइट हों। आपको बहुत सी निजी और कमर्शियल वेबसाइट .ORG पर भी मिलेंगी और .COM पर भी। इतने सारे टीएलडी उपलब्ध होने से कोई भी नया व्यक्ति चक्कर में पड़ जाएगा कि कौन से टीएलडी पर अपना डोमेन ले। मेरा सुझाव है कि सबसे पहले .COM पर अपने डोमेन की उपलब्धता देखें। यदि मिल जाता है तो ले लें, अन्यथा .NET/.ORG पर देखें और इस बात का ख्याल रखें कि .COM, .NET और .ORG इंटरनेट के तीन प्रमुख टीएलडी हैं। यदि आपका भाग्य ज़ोरों पर है और आपको इन तीनों में ही डोमेन मिल जाते हैं और यदि आप अपने व्यवसाय के लिए डोमेन ले रहे हैं तो हो सके तो तीनों ही ले लीजिए। डोमेन की उपलब्धता जाँचने के लिए आप किसी भी रजिस्ट्रार की वेबसाइट पर जा सकते हैं।
अब जब आपका डोमेन निश्चित हो गया तो आपको यह निर्धारित करना है कि डोमेन कहाँ से या किस रजिस्ट्रार से रजिस्टर करवाया जाए। “डोमेन रजिस्ट्रार” वह संस्था होती है जो कि इंटरनेट नामों की माई-बाप आईकान्न(ICANN) द्वारा एक या अधिक टीएलडी में डोमेन रजिस्टर करने के लिए नियुक्त की गई होती है। इन रजिस्ट्रारों की संपूर्ण लिस्ट आप यहाँ देख सकते हैं। तो प्रश्न उठता है कि इतने सारे रजिस्ट्रारों में से आप किसे चुनें। आप उसी रजिस्ट्रार को चुनें जो भरोसे के लायक हो, अच्छी सर्विस प्रदान करने के लिए जो प्रसिद्ध हो। अब वेबहोस्टिंग.इन्फो की इस लिस्ट के मुताबिक मौजूदा 10 सबसे बड़े रजिस्ट्रार निम्न हैं:
जबकि पिछले सप्ताह में तेज़ी से बढ़ते रजिस्ट्रारों की रिपोर्ट में पहले 10 स्थान पर निम्न रजिस्ट्रार हैं:
कुछ रजिस्ट्रार स्वयं छुट्टे(रिटेल/retail) डोमेन नहीं रजिस्टर करते, वरन् रीसेलरों(reseller) द्वारा डोमेन बेचते हैं और कई स्वयं रजिस्टर करने के इतने अधिक पैसे माँगते हैं कि उससे कहीं सस्ता उन्हीं के किसी रीसेलर द्वारा पड़ता है। रजिस्ट्रारों में नेटवर्क सोल्यूशन्स और ईनोम सबसे पुराने रजिस्ट्रारों में से हैं लेकिन नेटवर्क सोल्यूशन्स के भाव बहुत उँचे हैं और इतने में डोमेन लेने का कोई लाभ नहीं। अब इनमें मैं गो-डैडी और ईनोम का सुझाव दूँगा, ईनोम से सीधे करवाना समझदारी नहीं है क्योंकि इनके भाव ऊँचे हैं इसलिए इनके किसी पुराने रीसेलर को पकड़िए और उनसे करवाईये। अप्रिय व्यक्तिगत अनुभव के कारण एनाआईसी(NIC) वाले रजिस्ट्रारों जैसे डॉयरेक्ट एनाआईसी(DirectNIC), ऑनलाईन एनाआईसी(OnlineNIC) आदि से दूर ही रहने की सलाह दूँगा, इनके दाम लोगों को लुभाने के लिए कम होते हैं लेकिन सर्विस इनकी बेहद टुच्ची होती है।
रजिस्ट्रार निर्धारित करने से पहले इन बातों का ध्यान रखें:
यदि वह पहली दो में से एक भी नहीं देता तो कोई दूसरा रजिस्ट्रार देखिए, और यदि वह पहली तीन या चारों सेवाएँ प्रदान करता है तो वह विचार योग्य है।
यदि इन सबके उत्तर हाँ में हैं तो आप उस रजिस्ट्रार से अपना डोमेन ले सकते हैं, वह इस योग्य है।
ध्यान रखने योग्य कुछ बातें
इस सबके बाद मुद्दा उठता है भुगतान का। अमुक रजिस्ट्रार पैसे किस तरह लेता है। लगभग सभी रजिस्ट्रार क्रेडिट/डेबिट कार्ड द्वारा ऑनलाईन पैसे ले सकने में समर्थ होते हैं। कुछ रजिस्ट्रार कुछ विशिष्ट टीएलडी के लिए शर्तें आदि रखते हैं। जैसे, मेरी जानकारी अनुसार, .TV डोमेन कम से कम दो वर्षों के लिए रजिस्टर होता है। इसलिए इस बारे में भी अपने रजिस्ट्रार से बात साफ कर लें(अमूमन उनकी वेबसाइट पर यह सब लिखा होगा)। यह भी देखें कि एक से अधिक वर्षों के लिए रजिस्टर करवाने पर क्या आपको कोई छूट मिल रही है कि नहीं। यदि मिलती है तो जितना अधिक समयावधि के लिए आप रजिस्टर करवा सकें करवा लें।
यदि ऑनलाईन रजिस्टर करवा रहे हैं तो देखें कि क्या कोई कूपन आदि का प्रावधान है। यदि है तो इंटरनेट पर अमुक रजिस्ट्रार के डिसकाउंट कूपन आदि सर्च कर लें, गो-डैडी के बहुत से डिसकाउंट कूपन आपको इंटरनेट पर मिल जाएँगे। कुछ रजिस्ट्रार अधिक ही समझदार होते हैं, इसलिए उनके रजिस्टर करते समय डोमेन के पैसे कम होते हैं लेकिन रिन्यू करने पर अधिक माँगते हैं, इसका भी ध्यान रखें। ट्रान्स्फर आदि का भी देख लें कि ट्रान्स्फर करने के पैसे तो नहीं लेते, क्योंकि अमूमन रजिस्ट्रार बाहर जाते ट्रान्सफर के पैसे नहीं लेते, सिर्फ़ अंदर आते ट्रान्सफर के पैसे लेते हैं।
डोमेन लेना भी ठीक वैसा है जिस तरह आप वास्तविक दुनिया में कुछ खरीदते हैं, क्योंकि चाहे बेशक यह वर्चुअल वर्ल्ड(virtual world) में हो लेकिन पैसे तो आप असली ही दे रहे हैं, इसलिए सारी जानकारी प्राप्त कर खरीदना ही समझदारी वाला काम है।
क्या आपके पास अपना डोमेन है? क्या आपको लगता है कि कोई उसे हड़प लेगा? कैसे हड़प लेगा जी, कोई बाबा का राज है क्या!! इन प्रश्नों से अज्ञान मस्तिष्क उलझना आरम्भ कर देता है जब वह पढ़ता/सुनता है कि डोमेन हड़पना भी संभव है। लेकिन क्या ऐसा संभव है?? फिलिप जी ने लिखा है कि जाल लुटेरे आपका डोमेन लूट सकते हैं। अब उन्होंने यह तो बता दिया कि आपका कौन सा डोमेन आपके हाथ से निकल सकता है अर्थात् कोई अन्य आपके डोमेन में क्यों रूचि ले सकता है लेकिन यह कैसे होगा तथा उनके साथ कैसे हुआ यह उन्होंने अभी नहीं बताया है, लेकिन मैं इस विषय पर अपने विचार यहाँ प्रस्तुत कर रहा हूँ।
आपका डोमेन आपके हाथ से दो सूरतों में निकल सकता है:
तो इन दो वजहों के अतिरिक्त कोई अन्य वजह नहीं कि कोई आपका डोमेन उड़ा के पतली गली से कट ले।
आपका कार्य डोमेन लेने पर ही समाप्त नहीं हो जाता। यदि आप अपने डोमेन को अपने पास रखना चाहते हैं तो उस पर ताला लगा के रखें और उसकी समयावधि समाप्त होने से पहले उसको रिन्यू करवाएँ। यदि समयावधि समाप्त होने के कारण आपका डोमेन आपके हाथ से निकल जाता है और कोई अन्य ले लेता है तो इसमें किसी अन्य का दोष नहीं, आपका है, और डोमेन लेने वाला चोर लुटेरा नहीं होता; डोमेन खाली पड़ा था, कोई भी ले सकता है, यदि आपको उस व्यक्ति से लेना है तो जो कीमत उसको दरकार है उसका भुगतान कर ले लीजिए। इसमें कुछ गलत नहीं है और यह कोई गैरकानूनी कार्य नहीं है, अगले व्यक्ति ने आपसे डोमेन हड़पा नहीं है। यदि आपका डोमेन अच्छा है तो उसको पाने की ललक लिए बहुत से लोग खड़े/बैठे/लेटे होते हैं। शेयर बाज़ार की ही भांति डोमेन बाज़ार में भी सट्टा होता है, बोलियाँ लगती हैं, नीलामी भी होती है, हर कोई अपनी इंवेस्टमेन्ट करना चाहता है या उसको बेच उसका लाभ उठाना चाहता है। खैर, यह एक अलग लेख की सामग्री है, इसलिए इस पर फिर कभी प्रकाश डालूँगा।
अभी के लिए गौरतलब बात यह है कि आपका डोमेन आपकी संपत्ति है(जब तक के लिए रजिस्टर करवाया है तब तक के लिए) और वास्तविक दुनिया की ही भांति अपनी इस वर्चुअल प्रापर्टी(virtual property) की सुरक्षा का दायित्व भी आपका अपना है। यदि आप अपना दायित्व पूरा नहीं करते तो आपका डोमेन आपके हाथ से निकल सकता है।
साथ ही भ्रांतियों से दूर रहें, यह भी बहुत अहम है।