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Posts Tagged ‘नाश्ता’


भारतीयता नहीं है आपमें…..


October 22nd, 2009 | 12 Comments

अभी कुछ दिन पहले मैंने आमतौर पर समझने जाने वाले कॉन्टीनेन्टल नाश्ते और असली कॉन्टीनेन्टल ब्रेकफास्ट के फ़र्क को बताते हुए पोस्ट ठेली थी, साथ ही फुल इंग्लिश ब्रेकफास्ट, स्कॉटिश ब्रेकफास्ट, आदि के बारे में भी बताया कि इनमें किन आईटमों की मौजूदगी रहती है। तो हुआ यूँ कि एक साहब ने इस ब्लॉग पर मौजूद संपर्क करने वाले फॉर्म का प्रयोग कर मुझे एक ईमेल लिखा। ईमेल की भाषा कड़क थी, क्या लिखा वह तो नहीं छाप रहा पर मोटे तौर पर उस संदेश का आशय मुझ पर लानत फलानत भेजना था कि अपने देश के नाश्ते मुझे पसंद नहीं आते और मैं शान से अपने को भारतीय कहते हुए फिरंगियों के नाश्ते करता हूँ और अपनी शेखी अपने ब्लॉग पर बखारता हूँ। किसने ऐसा लिखा उसको छोड़िए, नाम फर्ज़ी था, अपने को जानने की इच्छा भी नहीं कौन साहब हैं, यहाँ तो बात सिर्फ़ आशय की करते हैं।

तो यदि बताए गए नाश्तों की बात करें तो मैंने कॉन्टीनेन्टल ब्रेकफास्ट और फुल इंग्लिश ब्रेकफास्ट (बिना ब्लैक पुडिंग) को आज़माया हुआ है। तो क्या उससे मेरी भारतीयता कम हो जाती है? या यह साबित हो जाता है कि मुझे ये पसंद हैं? और पसंद से भारतीयता कम होती है? खैर इस पर बाद में आएँगे, पहले भारतीय नाश्तों और खानों की बात करें।

उत्तर भारतीय नाश्ते की आईटमों की बात की जाए तो जो परंपरागत नाश्ते की आईटमें हैं जैसे की समोसे, कचौरी, अपने को बहुत पसंद हैं, लेकिन सुबह के नाश्ते के लिए मुफ़ीद आईटम नहीं हैं। ये चीज़ें प्रायः शाम के समय ही चाय आदि के साथ ली जाती हैं।

समोसा - Samosa
कचौरी - Kachori


मेरी बात की जाए तो मैं सुबह के समय नाश्ते में कोई एक निश्चित आईटम नहीं लेता हूँ, चीज़ों में बदलाव होता रहता है जैसे कि आलू/प्याज़ के परांठे, पोहा, चीज़ टोस्ट विद टोमैटो, नूडल्स, मैक्रोनी, कॉर्न फ्लेक्स, दलिया आदि। आमतौर पर मैं नाश्ते वाला जीव नहीं हूँ यदि घर पर होता हूँ तो। मैं बारह-एक बजे सीधे ही भोजन करने में यकीन रखता हूँ या कुछ लोग उसको ब्रंच (brunch) भी कह सकते हैं।

पोहा - Poha
मैक्रोनी - Macaroni


यदि अपने मित्र संतोष या किसी अन्य मित्र के साथ सुबह सवेरे कहीं घूमने या फोटोग्राफ़ी करने जाना होता है और वापसी में कर्नाटका भवन की ओर से आ रहे होते हैं तो नाश्ता वहीं पर इडली, वड़ा, सांबर और ताज़े जूस का होता है।

इडली - Idli
वड़ा - Vada


खाने में देखा जाए तो मुझे सबसे अधिक उत्तर भारतीय खाना बेहद पसंद है। गुजराती और दक्षिण भारतीय खाना भी बेहद पसंद वाली श्रेणी में ही आता है। पर साथ ही मुझे चीनी और थाई खाना भी काफ़ी पसंद है। योरोपियन खाने से इतना कोई लगाव नहीं है; पिछले वर्ष हंगरी जाना हुआ था तो वहाँ की पाककला के कुछ नमूनों से परिचय हुआ था, खाना अच्छा था लेकिन ऐसा कोई खास नहीं कि अपनी पसंदीदा वाली लिस्ट में उसको शामिल किया जाए। हाँ, वहाँ की सोपरोनी बीयर और व्हाईट वाइन (तोकाए आस्ज़ू – tokaji aszu) अपने को बेहद पसंद आई। :D इसके अतिरिक्त योरोपीय खानों में कुछ अंग्रेज़ी और कुछ इतालवी खानों से थोड़ा तवारुफ़ हुआ है अन्यथा अभी फ्रेन्च, जर्मन, डैनिश आदि पाककलाओं से अनजान ही हैं।

खैर, यह तो बात हुई नाश्तों और खानों की, अब बात यदि आशय की करी जाए, और वह भी ऐसे वैसे आशय की नहीं वरन्‌ उस आशय की करते हैं जो भारतीयता के उस गुमनाम ठेकेदार का मेरे विषय में था। कोई मुझे बताए कि किसी विदेशी पाककला की ओर रुझान होने से व्यक्ति देशद्रोही, स्व सभ्यता द्रोही हो जाता है क्या??!! हालांकि मेरा ऐसा रुझान नहीं है लेकिन एक पल को मान लिया जाए तो क्या भारतीयता की कमी आ जाएगी क्या मुझमें या किसी अन्य व्यक्ति में?! क्या किसी व्यक्ति की भारतीयता का पैमाना उसका खान-पान है?

ये जो ठेकेदार साहब हैं, मेरा अनुमान है कि ये अपने दफ़्तर धोती-कुर्ता पहन और गमछा टाँग कर तो नहीं जाते होंगे!! बाबुओं की भांति पैंट कमीज़ सूट बूट पहन जाते होंगे। तो क्या उस योरोपीय परिधान में उनकी भारतीयता कुंदन समान दमक उठती है? ऐसे लोगों की अक्ल पर तरस भी नहीं आता, बिना अक्ल और फटी हुई किस्मत के रोगी होते हैं ये, एक बार तो मन में यही आया कि “ब्लडी लूज़र” कह बात ही खत्म की जाए क्योंकि ऐसे दुखियाए लोगों के मानसिक दीवालिएपन का पूरा सार इन दो शब्दों में समा जाता है।


आपका क्या विचार है?

 
 
समोसे की फोटो साभार Kirti Poddar, कचौरी की फोटो साभार mynameisharsha, पोहे की फोटो साभार ampersandyslexia, मैक्रोनी की फोटो साभार Salihan.com, इडली की फोटो साभार SearchYogi, वड़े की फोटो साभार Pabo76, कुकुर का कार्टून साभार Anirudh Koul – सातों फोटो क्रिएटिव कॉमन्स लाइसेन्स (Creative Commons License) के अंतर्गत


द कॉन्टीनेन्टल ब्रेकफास्ट…..


October 7th, 2009 | 10 Comments

कुछ अरसा पहले मैंने अपने घर के नज़दीक स्थित ज्ञानी के अड्डे पर हुआ चॉकलेट आईस्क्रीम और नए मुल्लाओं का वाकया बयान किया था (यदि आपने नहीं पढ़ा है तो एक बार अवश्य पढ़ लें, मौज की मौज और कंटेक्सचुअल अर्थ भी समझ आएगा)। उसके अंत में मैंने ज़िक्र एक साहब और कॉन्टीनेन्टल खाने का किया था, आज मन में आया कि वो किस्सा भी बाँच दिया जाए। :)

क्रॉसौं - Croissant

कुछ अरसा पहले की बात है, मैं एक बरिस्ता में बैठा एक मित्र की प्रतीक्षा कर रहा था। पास ही की टेबल पर दो संभ्रांत दिखने वाले परिवार बैठे थे। वे लोग क्या बातचीत कर रहे थे यह याद नहीं लेकिन उनमें एक फैशनेबल अंकल अपनी ही उम्र के लगने वाले दूसरे अंकल से वार्तालाप के दौरान बोले कि उनको तो सुबह का नाश्ता कॉन्टीनेन्टल स्टाईल ही पसंद है यानि कि मक्खन लगे टोस्ट, दो अंडों का ऑमलेट और चाय। प्रायः आप किसी भी रेस्तरां/होटल में जाएँगे तो कॉन्टीनेन्टल नाश्ते के नाम पर यही मिलता है। पाँच सितारा होटलों के अतिरिक्त मैंने कहीं भी असली कॉन्टीनेन्टल नाश्ता मिलते नहीं देखा। हो सकता है कि आपकी उत्सुकता हो कि होता क्या है कॉन्टीनेन्टल ब्रेकफास्ट (continental breakfast)। जो नहीं जानते हैं उनके लिए बता देना बेहतर समझता हूँ कि कॉन्टीनेन्टल का अभिप्राय यहाँ पश्चिमी योरोप (ब्रितानिया के अतिरिक्त, मेनलैन्ड योरोप) है। अब मैं उन फैशनेबल अंकल की अक्ल पर तरस इसलिए खा रहा था कि उनको रत्तीभर भी ज्ञान नहीं कि टिपिकल (typical) कॉन्टीनेन्टल ब्रेकफास्ट क्या होता है। :roll:

दरअसल कॉन्टीनेन्टल ब्रेकफास्ट हल्का नाश्ता होता है (यदि फुल इंग्लिश/ऑयरिश/स्कॉटिश नाश्ते से तुलना की जाए) – इसमें कॉफ़ी (प्रायः काली), जूस, और क्रॉसौं (croissants) या पेस्ट्री (pastries) होते हैं। यह इंग्लिश ब्रेकफास्ट (english breakfast), ऑयरिश ब्रेकफास्ट (irish breakfast), स्कॉटिश ब्रेकफास्ट (scottish breakfast) अथवा अमेरिकी ब्रेकफास्ट (north american breakfast) जितना फुल नहीं होता।

ऐसे ही लोगों को अंग्रेज़ी नाश्ते के बारे में भी बहुत गलतफहमी रहती है, चाय और टोस्ट को ही अंग्रेज़ी नाश्ता समझते हैं। एक पारम्परिक फुल इंग्लिश ब्रेकफास्ट में निम्न आईटम होती हैं:

फुल इंग्लिश ब्रेकफास्ट - full english breakfast
  • बेकन (bacon) – सूअर का नमकीन मांस
  • अंडे – पोच्ड (poached) या फ्राईड (fried)
  • टोस्ट
  • ग्रिल किए या तले हुए टमाटर
  • बेक्ड बीन्स (baked beans)
  • सॉसेज (sausage)
  • चाय

वैसे साथ में ब्लैक पुडिंग (खून में पकाया मांस) भी होती है लेकिन यह निश्चित आईटम नहीं होती, जगह-२ पर निर्भर करता है, इंग्लैंड के कुछ भागों में इंग्लिश ब्रेकफास्ट में यह शामिल होती है। इसी तरह साथ में पिसे हुए उबले आलू (mashed potatoes) भी हो सकते हैं।

अब यदि स्कॉटिश ब्रेकफास्ट की बात की जाए तो परंपरागत नाश्ता तो दलिया (porridge) है लेकिन फुल स्कॉटिश ब्रेकफास्ट में अंडे, बेकन, सॉसेज, स्कॉटिश स्टाइल ब्लैक पुडिंग, हैग्गीस (haggis) और पोटैटो स्कोन्स (potato scones) भी आ जाते हैं।

इसी प्रकार अमेरिकी नाश्ते में प्रायः टोस्ट, बेकन, अंडे, हैश ब्राऊन्स (hash browns), और जूस अथवा कॉफी होते हैं। मेरी जानकारी अनुसार इसमें परम्परागत या फुल का कोई चक्कर नहीं होता। ;)

 
अब इसी कारण मुझे ऐसे होटल वालों पर कोफ़्त होती है कि लिखते कुछ हैं मेनू में और परोसते कुछ और ही हैं। :tdown: और उन फैशनेबल अंकल जैसे लोगों की अक्ल पर तरस आता है जो सिर्फ़ नेम ड्रॉपिंग करना ही जानते हैं, जबकि वास्तव में पता धेले का नहीं होता कि क्या कह रहे हैं। न जाने क्यों लोग अपनी अक्ल की सीमा से अधिक शो ऑफ़ (show off) करते हैं। ऐसा करने से वे अपनी ही बेवकूफ़ी ज़ाहिर करने का खतरा मोल लेते हैं, क्योंकि जिसके सामने शो ऑफ़ कर रहे हैं यदि वह जानकार व्यक्ति हुआ तो क्या इज़्ज़त रह जाएगी शो ऑफ़ करने वाले व्यक्ति की? :roll: अब ऐसे ही ज्ञान जी आईसक्रीम वाली पोस्ट पर अपने साथी अफ़सर की कॉफ़ी वाला किस्सा बताए थे, खामखा उनके साथी अफ़सर की किरकिरी हुई!! :D

 
 
क्रॉसौं की फोटो साभार roboppy तथा इंग्लिश ब्रेकफास्ट की फोटो साभार peasap – दोनों फोटो क्रिएटिव कॉमन्स लाइसेन्स (Creative Commons License) के अंतर्गत