आज संडे है….. दारू पीने का दिन है!! नहीं यह मैं नहीं कहता, बस एकाएक ही बीस वर्ष पहले आई फिल्म चालबाज़ का वह सीन याद आ गया जब रजनीकांत का टैक्सी ड्राईवर वाला किरदार अंगूरी की बोतल ले खुशी से झूमता हुआ गा रहा होता है – “आज संडे है….. दारू पीने का दिन है” और एकाएक ही रंग में भंग पड़ जाता है क्योंकि बोतल में दारू की जगह श्रीदेवी ने घासलेट (मिट्टी का तेल) भर दिया होता है!!
फिल्म में इसी तरह के कई लोटपोट कर देने वाले सीन थे!!
वैसे आज संडे….. यानि कि रविवार है ही, लेकिन अपन बिना दारू के ही काम चला लेंगे – उसके नाम वाली वेन्गर्स की चॉकलेट ज़िन्दाबाद!
दिल्ली के क्नॉट प्लेस में भीतर वाले चक्र में एक प्रसिद्ध बेकरी है – वेन्गर्स (Wenger’s)। यह काफ़ी पुरानी बेकरी है, तकरीबन 75 वर्ष पुरानी। इसकी पेस्ट्री आदि तो बढ़िया होती ही हैं, मुझे इसकी बनाई चॉकलेट कुछ खासी पसंद हैं। होता यूँ भी है कि ये लोग चॉकलेट का जैसा नाम रखते हैं उसमें वैसा माल भी डालते हैं, यानि कि बादाम होगा चॉकलेट का नाम तो उसके अंदर कुरकुरे बादाम डले हुए होंगे, काजू नाम होगा तो उसमें काजू डले होंगे!!
अभी पिछले सप्ताहांत मैं उस ओर गया तो वेन्गर्स से कुछ चॉकलेट भी लेने की सोची। तो अपनी पसंदीदा रम रेसिन (Rum Raisin) चॉकलेट तो ले ली, सोचा एक अलग भी ट्राई की जाए। इनकी मिंट चॉकलेट कभी ट्राई नहीं की थी तो थोड़ी सी वह भी ले ली, और बस यहीं पंगा हो गया!! मिंट चॉकलेट का मैं सोच रहा था कि इन्होंने चॉकलेट के अंदर मिंट का स्वाद डाल रखा होगा, लेकिन नहीं, अपनी चॉकलेट को सीरियसली लेने वाले इन लोगों की क्या कहें, इन्होंने चीनी और मिंट की गोली टाइप को चॉकलेट में लपेट रखा है, ऐसा लगता है कि मानो स्ट्रांग मिंट की गोली चॉकलेट में लिपटी हुई है!! तौबा!!
अभी तो भुगत लिया लेकिन आगे से निश्चय कर लिया कि मिंट चॉकलेट से दूर ही रहना है, अपने लिए तो रम रेसिन ही बढ़िया है… .. यम यम!!