सैर सपाटा खत्म हुआ; वापसी के लिए ट्रेन अब स्टेशन से चल पड़ी है, रात तक दिल्ली पहुँचा देगी; वातानुकूलित कुर्सी-कार में मेरा पहला अनुभव!!

खजुराहो घूमना फिरना हो लिया, अब छुट्टी का आखिर दिन ओरछा में; कल दिल्ली वापसी और परसों से पुनः काम पर।

राजा कैफे में सुबह का अंग्रेज़ी नाश्ता किया – फ्रैन्च टोसट, फ्रैन्च फ्राईज़, पैनकेक विद जैम, काली कॉफ़ी और अंत में चॉकलेट केक – आहा यम-यम!!

चार दिन की छुट्टी पर खजुराहो और ओरछा की यात्रा पर। कंप्यूटर की अनुपलब्धता के कारण ईमेल तथा टिप्पणियों के उत्तर देना संभव न होगा।

धूप निकल आई है परन्तु हौले-2 आने वाला शीतल हवा का झोंका गर्मी का एहसास नहीं होने देता। विश्वनाथ मंदिर के सामने बैठ सुकून महसूस हो रहा है।
