कई जुगाड़ और उपाय देखे लेकिन बात नहीं बनी, मोबाइल में ब्लॉग को लोड करना समस्या का कारण बन जाता था क्योंकि कनेक्शन बहुत धीमा होता है और कंप्यूटर के ब्राऊज़र का डिज़ाइन मोबाइल ब्राऊज़र की छोटी स्क्रीन के लिए उपयुक्त नहीं होता। लेकिन आखिरकार बात बन गई, सही उपाय हो गया है। अब यह ब्लॉग मोबाइल फ्रेन्डली है!! मोबाइल ब्राऊज़र में खोलने पर यह ब्लॉग मोबाइल के लिए उपयुक्त डिज़ाइन में दिखाई देगा, मसौदा कहीं भी कम नहीं होगा, माल पूरा होगा लेकिन मोबाइल की छोटी स्क्रीन में ढंग से फिट किया हुआ।
मेरे विन्डोज़ मोबाइल (Windows Mobile) के इंटरनेट एक्सप्लोरर (Internet Explorer) में ऐसा दिखता है:


आपका किसी भी मोबाइल के किसी भी ब्राऊज़र में देखें, आपको मोबाइल संस्करण ही दिखाई देगा। और कंप्यूटर पर स्थापित ब्राऊज़र में देखेंगे तो आम संस्करण दिखाई देगा। पूरा मामला स्वतः चलता है, मोबाइल संस्करण के लिए कोई अलग पता याद रखने की आवश्यकता नहीं!
अभी पिछले सप्ताह मैंने पोस्ट किया कि कैसे सात प्रयासों बाद टचफ्लो 2डी (TouchFlo 2D) को मोबाइल सही तरीके से स्थापित कर ही लिया तो समीर जी ने कहा कि उनके समझ में तो नहीं आया पर यह मान के चल रहे हैं कि मैं कह रहा हूँ तो कुछ अच्छा ही होगा। इतना विश्वसनीय समझने के लिए उनका बहुत आभार प्रकट करने पर मैंने कहा कि बताएँगे ही नहीं दिखा भी देंगे कि क्या मामला है।
तो यह देखिए मामला:
( इस वीडियो को आप फुलस्क्रीन (Full Screen) पर भी देख सकते हैं, बस देखने के लिए प्लेयर में मौजूद प्रोग्रेस बार के दायीं ओर स्थित चौकोर बटन पर क्लिक करें। फुलस्क्रीन मोड में से निकलने के लिए अपने कीबोर्ड में एस्केप (Esc) बटन दबाएँ। )
एचटीसी (HTC) ने अपने टच (Touch) सीरीज़ के मोबाइल फोनों में एक नया इंटरफेस निकाला था जिसको उन्होंने नाम दिया था टचफ्लो 3डी (TouchFlo 3D) जिसमें स्क्रीन पर उंगली फिराने पर एक क्यूब (बोले तो घन) उपलब्ध होता है हर तरफ़ कुछ अलग-२ और बारंबार प्रयोग होने वाले शॉर्टकट उपलब्ध होते हैं जिनको अपने अनुसार सैट किया जा सकता है। इससे कई चीज़ों में आसानी रहती है। लेकिन अपने हाल ही में आए फोन टच डॉयमंड (Touch Diamond) और अभी ताज़ा-२ रिलीज़ हुए फोन टच एचडी (Touch HD) में उन्होंने टचफ्लो इंटरफेस का एक अलग रूप निकाला है जिसमें क्यूब नहीं है इसलिए यह दो आयामी इंटरफेस है न कि तीना आयामी।
तो हुआ यूँ कि टचफ्लो 3डी की ही भांति टचफ्लो 2डी इंटरफेस भी लोगों को काफ़ी भा गया और कुछ मोबाइल सॉफ़्टवेयर डेवलपरों ने एचटीसी टच डॉयमंड में से इस इंटरफेस को निकाल लिया और उनको थोड़ा सा इस तरह बदला कि एचटीसी के बाकी टचस्क्रीन फोनों में भी यह लग सके और उसको बीटा रिलीज़ के तौर पर निकाल दिया। मामला बढ़िया लगा तो मैंने भी अपने फोन में लगा के देखने की सोची और आखिरकार लगा लिया। अब लगा लिया तो एक वीडियो भी उतार लिया दिखाने के लिए कि आखिर इसमें ऐसा क्या है!!
वैसे इसके मौसम दिखाने वाले टैब को मैंने अपने वीडियो में ऊपर दिखाया ही है लेकिन उसमें एक और बढ़िया सी चीज़ नहीं दिखा पाया तो उसके लिए यूट्यूब पर निम्न वीडियो मिल गया:
इसमें कूल चीज़ यह दिखती है कि जिस जगह का मौसम आप देख रहे हैं यदि वहाँ बरसात हो रही है तो आपकी स्क्रीन पर भी बूँदे दिखाई पड़ती हैं मौसम देखते समय और गाड़ी के वाइपर की भांति एक वाइपर फोन की स्क्रीन पर दिखने वाली बूँदों को साफ़ कर देता है!!
और यह टचफ्लो 2डी में इतना ही नहीं है जितना मैंने दिखाया है, मामला और भी काफ़ी है लेकिन मुझे उसकी आवश्यकता नहीं थी तो इसलिए इंस्टॉल नहीं किया – जैसे कि फोटो देखने के लिए एक टैब है जिसमें बस मौसम वाले टैब ही की भांति फोटो को हल्का सा खींच के ऊपर करो तो वह ऊपर से स्क्रीन से निकल जाती है और उसकी जगह नीचे से दूसरी फोटो स्क्रीन पर आ जाती है। ऐसे ही संगीत का भी टैब है जिसमें दाएँ-बाएँ करने पर गाने बदल जाते हैं और एक टैब गूगल मैप्स (Google Maps) का भी है। यह सब मामला मुझे अपने लिए अनावश्यक लगा इसलिए फोन की स्टोरेज मेमोरी बचाने के लिए मैंने इस सब तामझाम को इंस्टॉल नहीं किया।


परसों रात नींद नहीं आ रही थी तो ऐसे ही समय व्यतीत करने के लिए यह कार्टून बना लिया जो कि ठीक ठाक सा बन पड़ा। अब बन गया तो सोचा कि यहाँ ठेल दिया जाए।
यह कार्टून हाथ से अपने मोबाइल फोन पर बनाया(हिन्दी पाठ बाद में कंप्यूटर पर लिखा)। एक दशक से भी अधिक हुआ जब आखिरी बार इस तरह हाथ से चित्रकारी की थी; आठवीं कक्षा के बाद कभी इस तरह मौका नहीं लगा क्योंकि उसके बाद कभी चित्रकला मेरा सबजेक्ट नहीं रहा। उस समय मोटे कागज़ की स्केच बुक (sketch book) में 2बी की पेन्सिल से स्केच (sketch) बनाया जाता था और अब स्टाईलस (stylus) द्वारा पीडीए (PDA) फोन की टचस्क्रीन (touchscreen) पर बनाया! उस समय बनाने के लिए जगह अधिक थी, अब एक छोटी सी स्क्रीन ही है। उस समय दो-तीन तरह की पेन्सिल साथ रखी जाती थी अलग-२ छीली हुई और अब एक स्टाईलस ही है और उसके दबाव की मोटाई को आराम से बदला जा सकता है। वाकई समय कितना बदल गया है!